Demat अकाउंट

Demat अकाउंट खोलकर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.31 करोड़ की ठगी

दुर्ग : डीमैट अकाउंट खोलकर शेयर ट्रेडिंग करने के नाम पर कुछ शातिरों ने आदर्श नगर दुर्ग निवासी एक बुजुर्ग को एक करोड़ 31 लाख 66 हजार 999 रुपये की ठगी कर ली। आरोपितों के झांसे में आकर बुजुर्ग ने उनके बताए हुए खातों में रुपये जमा कर दिया। इसके बाद आरोपितों ने न तो लाभांश दिया और न ही मूल राशि लौटाई।

आरोपितों ने लाभांश का 20 प्रतिशत हिस्से के बदले करोड़ों की कमाई करवाने का दिया था झांसा

घटना की शिकायत पर पद्मनाभपुर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और कूटरचना की धाराओं के तहत प्राथमिकी की है। आरोपितों ने पीड़ित को झांसा दिया था कि वे लाभांश में सिर्फ 20 प्रतिशत हिस्सा लेंगे और शेयर ट्रेडिंग कर उसके 50 लाख रुपये को चार महीने में तीन करोड़ के आसपास पहुंचा देंगे।

फोन पर ही पीड़ित बुजुर्ग को बनाया अपना शिकार

पुलिस ने बताया कि आदर्श नगर दुर्ग निवासी शिकायतकर्ता रोहित कुमार बघेल (62) की शिकायत पर एआरके टेक्नालाजी कंपनी के कर्मचारी सिद्धार्थ सक्सेना और राहुल गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी की गई है। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता के 22 दिसंबर 2023 को एक फोन आया था। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम सिद्धार्थ सक्सेना बताया था। आरोपित ने खुद को एआरके टेक्नालाजी कंपनी का कर्मचारी बताते हुए जानकारी दी थी कि उनकी कंपनी शेयर ट्रेडिंग करती है।

आरोपित ने पीड़ित का डी मेट अकाउंट खोलकर उससे ट्रेडिंग कर अच्छा मुनाफा दिलवाने की बात कही थी। आरोपित ने अपनी कंपनी के हेड रिसर्चर सिंघानिया से बात कराई थी। सिंघानिया ने पीड़ित से कहा था कि उनकी कंपनी कम से कम 50 लाख रुपये के कैपिटल से शेयर ट्रेडिंग करती है।

इससे कम राशि से वे काम नहीं करते। आरोपित ने ये भी दावा किया था कि यदि वो 50 लाख रुपये लगाता है तो वे उसे चार महीनों के भीतर तीन करोड़ रुपये बना देंगे।

पीड़ित ने सोचने के लिए थोड़ा समय मांगा तो आरोपित उसे लगातार फोन करते रहे। जिससे दबाव में आकर पीड़ित इस काम के लिए तैयार हो गया। डीमैट अकाउंट खोलने के लिए आरोपितों ने पीड़ित का आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि की जानकारी ली।

इसके बाद उसका डी मेट अकाउंट खोला। आरोपितों ने समय पर ट्रेड न होने पर नुकसान होने का भय दिखाकर डीमैट अकाउंट का पूरा नियंत्रण अपने पास रखा।

इसके बाद दिसंबर 2023 से लेकर एक मार्च 2024 के बीच अलग अलग किस्तों में कुल एक करोड़ 31 लाख 66 हजार 999 रुपये विभिन्न खातों में जमा करवाकर ठगी कर ली।

आरोपितों ने ये कहा था कि पूरी राशि की अंतिम किस्त जमा होने के एक सप्ताह के भीतर लाभ सहित पूरी राशि पीड़ित के खाते में आ जाएगी लेकिन, कोई रुपये न मिलने पर उसने आरोपित सिद्धार्थ सक्सेना और राहुल गुप्ता से संपर्क किया तो आरोपितों ने रुपये देने के बजाए पीड़ित को घुमाना शुरू कर दिया।

इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी कर मामले की जांच शुरू की है।

इससे कम राशि से वे काम नहीं करते। आरोपित ने ये भी दावा किया था कि यदि वो 50 लाख रुपये लगाता है तो वे उसे चार महीनों के भीतर तीन करोड़ रुपये बना देंगे।

पीड़ित ने सोचने के लिए थोड़ा समय मांगा तो आरोपित उसे लगातार फोन करते रहे। जिससे दबाव में आकर पीड़ित इस काम के लिए तैयार हो गया। डीमैट अकाउंट खोलने के लिए आरोपितों ने पीड़ित का आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि की जानकारी ली।

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