भरण-पोषण को लेकर कोर्ट के बाहर पति-पत्नी के बीच लड़ाई

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर:  जिले में पति-पत्नी के बीच बच्चे के भरण-पोषण की लड़ाई सड़क पर आ गई। कोर्ट में पेशी के लिए पहुंची पत्नी ने परिसर के बाहर ही पति के कपड़े फाड़ दिए। उसका कॉलर पकड़ लिया और कहा कि, पैसे निकाल। तुम्हारे बच्चे को अकेले पालने की जिम्मेदारी मेरी नहीं है। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए सिटी कोतवाली पहुंच गए।

दरअसल, टीना दफाई निवासी शशि की शादी सक्ती जिले के नंदेली निवासी सोहन धीर से साल 2014 में हुई थी। दोनों की सात साल की एक बेटी भी है। हालांकि छह सालों से पति-पत्नी दोनों अलग रह रहे हैं। उनके बीच मनेंद्रगढ़ परिवार कोर्ट में केस चल रहा है। शशि ने बच्ची की भरण-पोषण के लिए परिवाद पेश किया है। इसी की सुनवाई सोमवार को थी तो सोहन धीर पहली बार नोटिस मिलने पर कोर्ट पहुंचा था।

सुनवाई के दौरान कोर्ट की ओर से पति-पत्नी दोनों को मध्यस्थता के लिए भेजा गया। बातचीत के दौरान कोर्ट परिसर में ही दोनों के बीच भरण-पोषण की राशि को लेकर विवाद होने लगा। बात इतनी ज्यादा बढ़ गई कि झगड़ा करते हुए वे कोर्ट परिसर से बाहर आ गए। बाहर पत्नी ने सोहन का कॉलर पकड़ लिया। उससे बोली कि बच्ची सिर्फ उसकी नहीं है। उसे भरण-पोषण का खर्च देना होगा। वहीं सोहन ने कहा कि बच्ची उसे सौंप दो।

पति-पत्नी के बीच काफी देर तक विवाद चलता रहा। इस दौरान पत्नी ने पति के कपड़े फाड़ दिए। वह किसी भी हालत में बिना पैसे दिए उसे छोड़ने को राजी नहीं थी। मामला थोड़ा शांत हुआ तो सोहन स्थानीय थाने पहुंच गया। उसने पत्नी के खिलाफ मारपीट की लिखित शिकायत दी है। वहीं शशि भी पहुंची और भरण-पोषण की राशि नहीं देने के आरोप में रिपोर्ट दी। फिलहाल पुलिस ने उनके बयान लेने के बाद कोर्ट जाने की सलाह दी है।

कोतवाली पहुंची शशि ने बताया कि काउंसिलिंग के दौरान मजिस्ट्रेट मैडम ने सोहन से पूछा कि कितना कमाते हो तो उसने पांच हजार रुपये बताए। इस पर मैडम ने एक हजार रुपये देने के लिए कहा, पर सोहन ने कहा कि वह नहीं दे सकता है। इसके बाद मैडम ने कहा कि, पत्नी को साथ ले जाओ, लेकिन मना कर दिया। कहा कि उसने दूसरी शादी कर ली है। उससे एक बच्चा भी है। इसके चलते नहीं ले जा सकता हूं।

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