



महराजगंज। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 08 नवंबर 2016 को देश में 500 और 1000 के जिन नोटों के बंद होने (चलन से बाहर) की घोषणा की थी, वह आज भी नेपाल में खपाए जा रहे हैं। नेपाल में घुसपैठ बना चुका सिंडिकेट स्थानीय लोगों व सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक कर इस धंधे को अंजाम दे रहा है।


कैसीनो व सुदूरवर्ती बाजारों में इन नोटों को खपाने के एवज में नोट मालिक को एक तिहाई या उससे कम दाम मिल रहा है। भारत में नोटबंदी के बाद नेपाल ने भी अपने देश में भारतीय 100 रुपये के नोट को छोड़कर 200, 500, 1000 व 2000 के नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया था।