जहरीले दूध से 2 बच्चों की मौत, FSSAI ने 5000 लीटर मिलावटी दूध बहा, 5 सेकंड में चेक करें नकली दूध

उत्तर प्रदेश के आगरा में मिलावटी दूध पीने से दो मासूम बच्चों की मौत के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। शनिवार को FSSAI की टीम ने आगरा-बाह रोड पर एक टैंकर पकड़ा, जिसमें 5000 लीटर मिलावटी दूध भरा हुआ था। इस दूध को तुरंत सड़क पर बहाकर नष्ट कर दिया गया। इस दूध की कीमत लगभग ₹1.25 लाख बताई जा रही है।

खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह दूध बिना थर्मोस्टेट के टैंकर में भरकर लाया जा रहा था. जांच में यह नकली और मिलावटी पाया गया। टैंकर मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलारस स्थित त्यागी डेयरी से भेजा गया था।

FSSAI ने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा. ‘आगरा में मिलावटी दूध की एक बड़ी सप्लाई को पकड़ा। टैंकर जब्त किया गया है, सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।’

दो बच्चों की मौत से मचा हड़कंप

दो बच्चों की मौत से मचा हड़कंप

आगरा के कागारौल में गुरुवार रात को दूध पीने के बाद 11 महीने के ‘आवान’ और 2 साल की ‘माहीरा’ नाम की दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। यह दूध जगनेर स्थित बच्चू डेयरी से लाया गया था। वहां भी खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा और सैंपल लिए। खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में भी किसी दूध या खाद्य पदार्थ में मिलावट पाई गई, तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खतरनाक है नकली दूध

खतरनाक है नकली दूध

मिलावटी दूध यानी ऐसा दूध जिसमें क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाने के लिए नकली या हानिकारक पदार्थ मिलाए जाते हैं। इसमें पानी, डिटर्जेंट, यूरिया, स्टार्च, ग्लूकोज, शैंपू, साबुन, बोरिक एसिड, हाइड्रोजन परऑक्साइड जैसे रसायन मिलाए जा सकते हैं। यह सभी सेहत के लिए खतरनाक होते हैं।

पाचन तंत्र पर बुरा असर और फूड पॉयजनिंग का खतरा

पाचन तंत्र पर बुरा असर और फूड पॉयजनिंग का खतरा

मिलावटी दूध पीने से पेट दर्द, गैस, अपच, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डिटर्जेंट और अन्य केमिकल्स आंतों की परत को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे भोजन पचने में दिक्कत होती है। डिटर्जेंट, यूरिया और अन्य रसायन शरीर में ज़हर की तरह काम करते हैं, जिससे फूड पॉयजनिंग हो सकती है।

किडनी और लिवर पर असर

किडनी और लिवर पर असर

लंबे समय तक मिलावटी दूध का सेवन किडनी और लिवर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। यूरिया और अमोनिया जैसे रसायन किडनी को फिल्टर करने की क्षमता को कमजोर करते हैं। लिवर को विषैले तत्वों को डिटॉक्स करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे उसका कार्य प्रभावित होता है।

हड्डियों की कमजोरी

हड्डियों की कमजोरी

दूध से कैल्शियम मिलने की उम्मीद होती है, लेकिन मिलावट के कारण यह लाभ नहीं मिल पाता। हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा

 कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा

कुछ रिसर्च में यह पाया गया है कि मिलावटी दूध में मौजूद हाइड्रोजन परऑक्साइड, फॉर्मेलिन जैसे रसायन कैंसर को जन्म दे सकते हैं। लंबे समय तक सेवन करने से शरीर में कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं और DNA म्यूटेशन की संभावना बढ़ती है।

दूध में यूरिया की पहचान कैसे करें

दूध में यूरिया की पहचान कैसे करें

एक टेस्ट ट्यूब में एक चम्मच दूध डालें, इसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर दाल का पाउडर डालें, टेस्ट ट्यूब को अच्छी तरह हिलाकर मिक्स कर लें, 5 मिनट इंतजार करें, इसमें एक रेड लिटमस पेपर डालें, इसके बाद इसमें से रेड लिटमस पेपर निकाल लें, अगर दूध शुद्ध है, तो लाल लिटमस पेपर का रंग नहीं बदलेगा
अगर रेड लिटमस पेपर का रंग नीला हो गया तो समझ लें कि दूध मी मिलावट है.
डिटर्जेंट जांच- दूध को हाथ में लेकर रगड़ें, झाग बनने पर डिटर्जेंट मिला हो सकता है।
स्टार्च जांच- दूध में आयोडीन की कुछ बूंदें डालें, नीला रंग आने पर स्टार्च मिला है।
पानी की जांच- दूध की कुछ बूंदें स्लोप पर डालें, जल्दी बह जाए तो उसमें पानी मिलाया गया है।

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