मंदिर के पुजारी और रामानंदी संप्रदाय के संत की हत्या मामले में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी सस्पेंड

भदोहीः जिले के सुरियावां नगर थाना क्षेत्र में पुजारी की निर्मम हत्या कर दी. बावन बीघा तालाब के हनुमान मंदिर के पुजारी की रविवार की रात बदमाशों ने गला रेतकर हत्या कर दी. सुबह मंदिर गए लोगों ने देखा तो खलबली मच गई. सूचना के करीब एक घण्टे बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं, शिकायत को गंभीरता से न लेने पर एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है.

पुलिस के मुताबिक, सुरियावां नगर में स्थित 52 बीघा तालाब पर प्राचीन हनुमान मंदिर है. करीब दो दशक पहले बिहार से सीताराम यहां आये थे. नगर के लोगों ने 10 साल पूर्व उन्हें मंदिर का पुजारी बना दिया था. तभी से सीताराम सुबह-शाम मंदिर पर पूजा करते और यहीं रहते थे. सोमवार की सुबह जब स्थानीय लोग मंदिर पर पूजा करने पहुंचे तो सीताराम पुजारी (65) का शव मंदिर के एक किनारे पड़ा मिला. बदमाशों ने धारदार हथियार से गले पर हमला किए थे. मंदिर का घंट और दानपात्र भी गायब था. ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. वहीं, स्थानीयों लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी दिखी. नागरिकों ने कहा कि मंदिर के आसपास गजेड़ियों के साथ अराजकतत्वों का जमावड़ा शाम को लगता था. पूर्व में छह से सात बार पुलिस से शिकायत की गई लेकिन वह लापरवाह बनी रही.

घटना की सूचना मिलते हैं डीआईजी मिर्जापुर आरपी सिंह एवं पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मीनाक्षी कात्यान की घटना स्थल का निरीक्षण किया. घटना में संदिग्ध कुछ लोगों को हिरासत लेकर थाने में पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्म रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा. फिलहाल हर एंगल पर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है.

अपर पुलिस अधीक्षक तेजवीर सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह 8.30 बजे थाना सुरियावां पर सूचना प्राप्त हुई कि मंदिर परसिर में बने कमरे में पुजारी सीताराम का शव पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर थाना पुलिस और उच्चअधिकारी पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया. शव का पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

डीआईजी आरपी सिंह, एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर जांच करने के लिए पहुंचे तो मंदिर के स्थान पर सुनसान होने के कारण नशे का सेवन करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था. लेकिन प्रभारी निरीक्षक, बीट प्रभारी और दो बीट आरक्षी की ओर से गंभीरता से नहीं लिया गया. पूर्व में मंदिर से घंटा चोरी होने पर भी पुलिस की तरफ से लापरवाही बरती गई. शिकायत को गंभीरता से न लेने पर एसपी ने प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह, बीट प्रभारी उप निरीक्षक रामधनी यादव और दो बीट आरक्षी को निलंबित कर दिया है. मामले की जांच के अपर पुलिस अधीक्षक को सौंप दी है. एसपी ने बताया कि घटना के अनावरण के लिए पांच टीमें गठित की गई है.

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