



मुंब्रा से एआईएमआईएम की पार्षद सहर शेख का एक बयान अब उन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उनके खिलाफ मुंब्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है. वहीं अब सहर शेख ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में लिखित रूप से माफी मांगी है.



मुंबई से सटे मुंब्रा इलाके से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की पार्षद सहर शेख का एक बयान अब उन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है. ‘मुंब्रा को हरा बना देंगे’ वाले बयान पर मचे सियासी बवाल के बीच सहर शेख ने आखिरकार पुलिस स्टेशन पहुंचकर लिखित माफी मांग ली है.
दरअसल सहर शेख ने मुंब्रा से चुनाव जीतने के बाद अपने भाषण में कहा था, ‘अगले पांच वर्षों में मुंब्रा में हर उम्मीदवार एआईएमआईएम से होगा. मुंब्रा को पूरी तरह से हरा रंग देना होगा.’ उनके इस बयान को लेकर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कुछ दिन पहले मुंब्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि यह बयान हिंदुओं को धमकाने वाला है और अगर सहर शेख माफी नहीं मांगती हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके बाद मामला और तूल पकड़ता चला गया.
अपने बयान पर बढ़ते विवाद के बीच अब सहर शेख ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में लिखित रूप से माफी मांगी है. अपने माफीनामे में उन्होंने कहा कि अगर उनके बयान से किसी भी समुदाय या व्यक्ति को ठेस पहुंची है, तो उसके लिए वह खेद व्यक्त करती हैं और माफी मांगती हैं.
हालांकि, इस पूरे मामले में राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है. बीजेपी नेता किरीट सोमैया का कहना है कि सहर शेख के खिलाफ उनकी शिकायत पर अब तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सहर शेख के पुराने बयान का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि मुंब्रा में हिंदुओं को धमकी देने वाले बयान के बावजूद पुलिस चुप बैठी है. सोमैया ने ऐलान किया है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह शनिवार सुबह फिर से मुंब्रा पुलिस स्टेशन जाकर कार्रवाई की मांग करेंगे
वहीं AIMIM की ओर से सफाई भी दी जा रही है. पार्टी नेता वारिस पठान ने कहा है कि सहर शेख के बयान को गलत संदर्भ में लिया जा रहा है. उनके मुताबिक, सहर का इशारा पार्टी के विस्तार से था और AIMIM का रंग हरा होने के कारण उन्होंने ‘हरा रंग’ शब्द का इस्तेमाल किया. इसे सांप्रदायिक रंग देने से बचना चाहिए.
बता दें कि चुनाव जीतने के बाद सहर शेख ने दावा किया था कि आने वाले वर्षों में AIMIM और मजबूती से उभरेगी और मुंबई में पार्टी का प्रभाव बढ़ेगा. लेकिन उनका यही बयान अब विवाद की जड़ बन गया है. फिलहाल पुलिस में माफी पहुंचने के बाद भी किरीट सोमैया कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे साफ है कि मुंब्रा का यह सियासी घमासान अभी थमने वाला नहीं है.