ट्रेन में Scam करके मचा रखी थी लूट, शिकायत करने गए पैसेंजर को पैंट्री कार में बंद कर पीटा, रेलवे ने लिया एक्शन

भारतीय रेलवे में लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में पैंट्री की सुविधा होती है। ताकि लोगों को खाने-पीने की चीजों को खरीदने में समस्या न आए। लेकिन इंटरनेट पर वायरल वीडियो में पैंट्री कार के अंदर कुछ ऐसा होता हुआ देखने को मिला है। जिसके बाद यूजर्स काफी ज्यादा भड़क गए है।

यह वीडियो गीतांजलि एक्सप्रेस का है, जो हावड़ा जंक्शन (कोलकाता) से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मुंबई) के बीच चलती है। इस क्लिप में एक पैसेंजर पैंट्री बॉय के पास ज्यादा दाम और कम खाना देने को लेकर कंप्लेन करने गया होता है। साथ ही, वह MRP से महंगे में बेच रहे पानी के बोतलों को लेकर भी सवाल उठाता है। जिसके बाद पैंट्री बॉय पहले तो उससे बदतमीजी करता है, फिर हाथापाई पर उतारू हो जाता है।

दर्ज हो गई शिकायत…

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, उस पैसेंजर के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इसके अलावा IRCTC के वर्कर्स ने उसे 1 घंटे से ज्यादा देर के लिए बंदी भी बनाए रखा। फिर अंत में RPF आई और उसने उसे बचा लिया। सोशल वर्कर सत्यजीत बर्मन की शिकायत पर कल्याण रेलवे स्टेशन GRP ने BNS एक्ट के तहत रंजीत बेहरा, सुमन करण और पांच अन्य अज्ञात व्यक्तियों सहित सात IRCTC कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

आगे की कार्रवाई के लिए मामले को बडनेरा जीआरपी को सौंप दिया गया है। यह घटना 6 अप्रैल की है, जब बर्मन हावड़ा-मुंबई गीतांजलि एक्सप्रेस से मुंबई लौट रहे थे। जब ट्रेन बडनेरा पहुंचने वाली थी, तो बर्मन ने कुछ यात्रियों को पैंट्री कार के कर्मचारियों से बहस करते हुए सुना।

जिसके बाद जब वह भी पैंट्री कार में गया तो उसने तीन पैसेंजर्स को यह आरोप लगाते हुए सुना कि पैंट्री कार IRCTC द्वारा तय वजन से कम भोजन दे रही थी और इसके लिए ज्यादा पैसे मांग रही थी। ऐसे में जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो कर्मचारियों ने उसे पैंट्री कार में जाकर तराजू पर खाना तौलने को कहा।

RPF ने अगले स्टेशन पर बचाया…

जब वह खाना तौलने वहां पहुंचे तो पैंट्री कार मैनेजर ने कथित तौर पर उन पर यात्रियों को भड़काने का आरोप लगाया, उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उनकी जमकर पिटाई की और उन्हें जबरन बंदी बना लिया। उनमें से कुछ ने तो उन्हें मारा और उन्हें उनके डिब्बे में वापस जाने पर मजबूर कर दिया। जिसके बाद भगाए गए पैसेंजर्स में से एक ने RPF हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया।

जिसके बाद पुलिस ने बर्मन को वहां से बचाया और उसे उसकी सीट पर भेज दिया। जब ट्रेन कल्याण पहुंची तो बर्मन ने अगले दिन यानी 7 अप्रैल को स्थानीय कल्याण GRP को मामले की जानकारी दी और सभी सात पैंट्री कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

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