भारत को नहीं हराया तो मेरा नाम बदल देना… पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दी चुनौती तो लोगों ने सुझाए नये-नये नाम

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के नेता अकसर भारत से अपने देश की तुलना करते रहते हैं। ताजा तुलना प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने की है। शहबाज शरीफ ने शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘अगर हमने भारत को नहीं हराया तो मेरा नाम बदल देना।’ हालांकि शहबाज शरीफ की ये चुनौती किसी युद्ध को लेकर नहीं, बल्कि तरक्की को लेकर थी। शहबाज शरीफ ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान तरक्की के मामले में भारत से आगे नहीं निकलता है, तो “मेरा नाम शहबाज शरीफ नहीं है।” शहबाज शरीफ ने डेरा गाजी खान में एक बड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की है। इस दौरान उन्होंने कई डेवलपमेंटल प्रोजेक्ट्स लॉंच किए और पाकिस्तान को मौजूदा चुनौतियों से बाहर निकालकर उसे एक महान राष्ट्र बनाने की कसम खाई।

शहबाज शरीफ भीड़ को संबोधित करते हुए काफी आक्रामक थे। उन्होंने कसम खाते हुए कहा कि “अगर हम भारत को पीछे नहीं छोड़ते हैं, तो मेरा नाम शहबाज शरीफ नहीं है। हम पाकिस्तान को एक महान राष्ट्र बनाएंगे और भारत से आगे निकल जाएंगे।” पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पूरे आत्मविश्वास के साथ घोषणा की, कि पाकिस्तान का भविष्य महानता के लिए बना है और उन्होंने देश को समृद्धि की ओर ले जाने का वादा किया।

शहबाज शरीफ ने खाई नाम बदलने की कसम
शहबाज शरीफ ने आगे कहा, कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान कर्ज पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। शहबाज शरीफ ने देश में हाल ही में मुद्रास्फीति में आई कमी की ओर भी इशारा किया और दावा किया, कि जब उनकी सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब देश में मुद्रास्फीति 40 प्रतिशत थी जो आज घटकर सिर्फ 2 प्रतिशत रह गई है। इस बीच, शहबाज शरीफ की टिप्पणी ने पाकिस्तान और भारत दोनों ही देशों में सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई यूजर्स ने उनके बयान को मजेदार बताया है, जबकि कई यूजर्स ने शहबाज शरीफ को नये नाम भी सुझाए हैं।

आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में शहबाज शरीफ ने भारत के साथ शांतिपूर्ण बातचीत की इच्छा जताई थी और कहा था, कि पाकिस्तान बातचीत के माध्यम से विवादास्पद कश्मीर विवाद सहित सभी मुद्दों को हल करने का इच्छुक है। उन्होंने ये टिप्पणियां मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान “कश्मीर एकजुटता दिवस” के मौके पर कही थी। आपको बता दें कि पाकिस्तान की इकोनॉमी कई सालों से बुरी तरह से प्रभावित है। देश अभी भी इंटरनेशनल मॉनेट्री फंड से मिले पैकेज से ही चल रहा है। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत अभी भी 250 रुपये लीटर से ज्यादा है, जबकि बिजली की दर 40 रुपये मीटर से ज्यादा है।

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