



मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बड़ा फैसला लिया है। बाइडन ने यूक्रेन को रूस के अंदर शक्तिशाली लंबी दूरी के अमेरिकी हथियारों के इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। रूस ने इसे संभावित तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत करार दिया है। अमेरिका की ओर से यह इजाजत तब दी गई है, जब पुतिन की सेना को मदद देने के लिए उत्तर कोरियाई सैनिक रूस में मौजूद हैं। रूस ने अपने कुर्स्क क्षेत्र में लगभग 50,000 सैनिकों को तैनात कर रखा है। कुछ महीनों पहले यूक्रेन ने यहां कब्जा कर लिया।

CNN की रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इन हथियारों का इस्तेमाल मुख्य तौर से कुर्स्क में किया जाना है। रूस हर हाल में कुर्स्क को वापस जीतना चाहता है। वह नहीं चाहता कि किसी भी संभावित बातचीत से पहले उसका कोई इलाका यूक्रेन के पास रहे। वहीं अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी कुर्स्क को सौदेबाजी के लिए जरूरी मानते हैं। इस बीच रूसी सांसदों ने रविवार को कहा कि रूस पर अमेरिकी मिसाइलों से यूक्रेन का हमला तीसरे विश्वयुद्ध का कारण बन सकता है।
‘तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत’
रूस की संसद के उच्च सदन, फेडरेशन काउंसिल के सदस्य आंद्रेई क्लिशस ने रविवार को बाइडन के फैसले की निंदा की और मामले पर चिंता जताई। एक टेलीग्राम पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘पश्चिम ने तनाव को इस स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे यूक्रेन पूरी तरह तबाह हो सकता है।’ एक अन्य सदस्य व्लादिमीर दजबारोव ने साफ किया कि इस मामले पर रूस की प्रतिक्रिया तत्काल होगी। रूसी सांसदों की चेतावनी है कि इससे चल रहा युद्ध और बढ़ेगा। दजबारोव ने कहा, ‘यह तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।’
पुतिन भी दे चुके हैं चेतावनी
रूस के अंदर आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम या ATACMS के इस्तेमाल का निर्णय कई महीनों से विचाराधीन था। अमेरिकी अधिकारी यूक्रेन को इजाजत देने पर बंटे हुए थे। कुछ को इससे युद्ध बढ़तने की चिंता थी। जबकि अन्य को हथियारों को घटते भंडार से चिंता थी। युद्ध के शुरुआती दो वर्षों में अमेरिका ने यूक्रेन को यह मिसाइल देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, सितंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर पश्चिमी देश रूसी क्षेत्र में लंबी दूरी की मिसाइलों का उपयोग करने की अनुमति देंगे, तो रूस इसे सीधा संघर्ष मानेगा।