चित्रकूट….ऋषि परंपरा का मूल मंत्र है कि हम वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत में विश्वास करते हैं-जगदीप धनखड़, उपराष्ट्रपति भारत

हमारे ओजस्वी प्रधानमंत्री जी ने जब विश्व कूटनीति को दो सिद्धांत दिए, उन सिद्धांतों के मूल में ऋषि परंपरा है।

पहला, भारत ने कभी विस्तारवाद में विश्वास नहीं किया। किसी अन्य की ज़मीन को नहीं देखा; और दूसरा, परिस्थिति चाहे जैसी हो लेकिन किसी भी संकट या अंतर्राष्ट्रीय कलह का समाधान युद्ध नहीं हो सकता।

समाधान का एक ही रास्ता है, Dialogue and Diplomacy. प्रधानमंत्री जी ने जो कहा था, वह विचार हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।

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