



अंबिकापुर के रिंग रोड स्थित महामाया प्रवेश द्वार के पास एक महिला की दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या (Ambikapur Rape and Murder Case) ने पूरे संभाग को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि मृतका और आरोपी ‘पांडा उर्फ़ मिथुन’ पिछले दो वर्षों से पति-पत्नी की तरह साथ रहते थे। दोनों शहर में घूम-घूमकर कबाड़ बीनने का काम करते थे और शराब के सेवन के बाद कहीं भी फुटपाथ पर रात बिता लेते थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने इस जघन्य अपराध को गंभीरता से लेते हुए चार अलग-अलग टीमों का गठन किया है। आरोपी मिथुन मूल रूप से चिरमिरी या प्रतापपुर का रहने वाला बताया जा रहा है, लेकिन लंबे समय से वह अंबिकापुर में खानाबदोश की तरह रह रहा था। मृतका के बेटे ने शव और आरोपी दोनों की पहचान कर ली है। बेटे ने बताया कि उसकी मां अक्सर मिथुन के साथ आती-जाती थी।
पुलिस की जांच में पता चला है कि हत्या के बाद आरोपी पैदल ही भाग निकला। उसे आखिरी बार मनेंद्रगढ़ रोड पर होलीक्रॉस कॉलेज के पास सीसीटीवी में देखा गया है। इसके बाद वह अजिरमा बैरियर के पास भी नजर आया। पुलिस की टीमें फिलहाल ठाकुरपुर, रेलवे स्टेशन और अजिरमा के जंगलों व रिहायशी इलाकों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।
अनोखी सोच संस्था ने निभाया मानवीय धर्म
जब मृतका की पहचान हुई, तब पता चला कि उसका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। घर में केवल एक बेटा है जो अंतिम संस्कार का खर्च उठाने में असमर्थ था। ऐसी स्थिति में शहर की सेवाभावी संस्था ‘अनोखी सोच’ आगे आई। प्रकाश साहू और उनकी युवाओं की टीम ने गंगापुर मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान के साथ महिला का अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
इस घटना पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे अंबिकापुर की बेटी के साथ हुई ‘हैवानियत’ करार देते हुए दिल्ली के निर्भया कांड से इसकी तुलना की। सिंहदेव ने कहा, “यह घटना सरकार की नाकामी का खुला प्रमाण है। जब व्यस्त इलाका भी सुरक्षित नहीं, तो प्रशासन क्या कर रहा है?” उन्होंने मांग की है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और अपराधी को फांसी की सजा मिले।
कानून व्यवस्था के विरोध में सरगुजा जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सीमा सोनी के नेतृत्व में शनिवार को ‘हस्ताक्षर अभियान’ शुरू किया गया। कार्यकर्ताओं ने 11 मीटर लंबी श्वेत साड़ी पर आम जनता के हस्ताक्षर लिए। सीमा सोनी ने कहा कि साड़ी महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है और यह सरकार उसी प्रतीक की रक्षा करने में विफल रही है। यह हस्ताक्षरित साड़ी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजी जाएगी। इस प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक समेत दर्जनों महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
