



पेट्रोलियम-एलपीजी संकट के बीच अब आपूर्ति राहत देने लगी है। बीते दिन अवकाश होने के बावजूद जिले की 50 एजेंसियों से 8000 से अधिक सिलेंडर की डिलीवरी की गई। पूरे दिन में 12750 सिलेंडर की बुकिंग हुई। जिला नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, अधिकतम दो से तीन दिन में एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी का लक्ष्य तय है। एजेंसियों को छुट्टी के दिन भी खुलवाया जा रहा है। यदि कोई उपभोक्ता बुकिंग डीएसी के साथ एजेंसी पर सिलेंडर लेकर पहुंचता है तो उसे भी डिलीवरी देने का कहा गया है।

जिले में अब पेट्रोल पंपों से भी भीड़ खत्म हो गई है। पेट्रोल पंपों को मांग के अनुरूप पेट्रोलियम की आपूर्ति जारी है। रविवार को तीनों ऑयल कंपनियों के डिपो में 4900 किलोलीटर पेट्रोलियम का स्टॉक था। जिले में पेट्रोलियम की रोजाना मांग 1650 किलोलीटर से ये लगभग तीन गुना है। बीते दिनों पेट्रोल पंपों पर 40 फीसदी तक मांग बढ़ गई थी। हालांकि अब ये सामान्य है। गौरतलब है कि जिले में रोजाना 9 लाख लीटर पेट्रोल व 7.50 लाख लीटर डीजल की मांग बनी हुई है।
एलपीजी गैस संकट के बीच अब पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) सप्लाई करने वाली कंपनियां सीधे उपभोक्ताओं से संपर्क करने में जुट गई हैं। कंपनियां कॉलोनियों और हाउसिंग सोसायटियों के पदाधिकारियों से फोन, मैसेज और अन्य माध्यमों से संपर्क कर रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
दरअसल, ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं से अपील की है जिनके घरों में एलपीजी और पीएनजी दोनों प्रकार के गैस कनेक्शन मौजूद हैं, वे स्वेच्छा से अपना एलपीजी कनेक्शन संबंधित गैस डीलर के पास जमा कर दें।
जानकारी के लिए बता दें कि भोपाल में बीते दो दिन पहले दो-तीन दिन से पंप ड्राई हो रहे थे। यह स्टॉक की कमी की बजाय से नहीं, बल्कि कंपनियों को एडवांस राशि नहीं देने की वजह से था। कंपनियां अब क्रेडिट दे रही है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन पंपों पर आ रहा है। लगातार दो दिनों से कहीं पर भी ईधन की कमी की खबरें नहीं आ रही हैं। अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी जरूर आई है।
