



म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार*

▪️ *साइबर ठगी के लिए बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) का उपयोग करने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार*
▪️ *देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त लगभग 86,33,247/- रुपये की अवैध राशि खातों में ट्रांसफर*
▪️ *बीएनएस की धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई*
▪️ *आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत, विवेचना जारी*
**संक्षिप्त विवरण** :
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर थाना मोहन नगर क्षेत्र अंतर्गत कर्नाटक बैंक शाखा स्टेशन रोड, दुर्ग में संचालित कुल 111 बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। जांच में पाया गया कि इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न स्थानों से साइबर ठगी की राशि को प्राप्त करने हेतु किया जा रहा था, जिसमें कुल लगभग 86,33,247/- रुपये का अवैध लेन-देन पाया गया।
प्रकरण में अपराध क्रमांक 07/2025 धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जांच के दौरान खाताधारकों की पहचान कर 10 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिनके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर दिनांक 30.03.2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
▪️ **घटना का कारण** :
आर्थिक लाभ हेतु बैंक खातों को साइबर ठगी में उपयोग के लिए उपलब्ध कराना
▪️ **घटनास्थल** :
कर्नाटक बैंक शाखा, स्टेशन रोड, दुर्ग
▪️ **आरोपी का नाम** :
1. मधु साहू, उम्र 45 वर्ष
2. ज्योति गौतम, उम्र 28 वर्ष
3. फरहद खान, उम्र 56 वर्ष
4. भूपेश गोहिल, उम्र 51 वर्ष
5. अजय कुमार उर्फ मोनू, उम्र 29 वर्ष
6. मसीर आलम, उम्र 27 वर्ष
7. नवीन भागवत, उम्र 24 वर्ष
8. भूपेंद्र कुमार टंडन, उम्र 36 वर्ष
9. संतोष बिसाई, उम्र 28 वर्ष
10. हीरा सिंह, उम्र 55 वर्ष
▪️ **जप्त सामग्री** :
1. संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज
2. मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
▪️ **सराहनीय भूमिका** :
उक्त कार्यवाही में थाना मोहन नगर पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही, जिनके द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
▪️ **दुर्ग पुलिस की अपील* :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या अन्य वित्तीय साधन किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना दंडनीय अपराध है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
