14.2 किलो के सिलेंडर में 10 किलो गैस! LPG की टाइट सप्लाई के बीच सरकार उठा सकती है यह कदम

14.2 किलो के सिलेंडर में 10 किलो गैस! LPG की टाइट सप्लाई के बीच सरकार उठा सकती है यह कदम

पश्चिम एशिया में स्थिति लगातार विकट होती जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर उसने 48 घंटे के भीतर होर्मुज की खाड़ी को नहीं खोला तो उसके पावर प्लांट्स को तबाह कर दिया जाएगा। इससे तेल और गैस की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की आशंका है।

पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई से कच्चे तेल की सप्लाई टाइट हो गई है। इससे भारत में तेल और गैस का आयात कम हो गया है और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास स्टॉक तेजी से घट रहा है। इसे देखते हुए अब सरकारी कंपनियां घरों में यूज होने वाले सिलेंडर में एलपीजी की मात्रा कम करने पर विचार कर रही है। 14.2 किलो के सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस ही दी जा सकती है। इसका मकसद एलपीजी बचाना और ज्यादा से ज्यादा घरों तक सप्लाई सुनिश्चित करना है।

ईटी की एक रिपोर्ट में इंडस्ट्री के अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया गया है। कंपनियों के अनुमान के मुताबिक सीमित सदस्यों वाले परिवार में 14.2 किलो का सिलेंडर करीब 35 से 40 दिन चलता है। इस हिसाब से देखें तो 10 किलो का सिलेंडर करीब एक महीने के लिए काफी है। इससे संकट के समय ज्यादा से ज्यादा लोगों तक गैस पहुंचाई जा सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि अगर इस योजना को लागू किया जाता है तो सिलेंडर पर एक नया स्टिकर लगाया जाएगा। इससे पता चलेगा कि सिलेंडर में कम गैस है। गैस की मात्रा के मुताबिक इसकी कीमत भी तय होगी। बॉटलिंग प्लांट को अपने वेइंग सिस्टम्स में बदलाव करना होगा और इसके लिए कुछ रेगुलेटरी अप्रूवल्स की भी जरूरत होगी।

हालांकि कंपनियों को इस बात की भी चिंता है कि सिलेंडर के वजन में अचानक कमी से कनफ्यूजन हो सकती है। लोग इसका विरोध कर सकते हैं और खासकर उन राज्यों में दिक्कत हो सकती है जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। मगर अधिकारियों ने साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगले महीने स्थिति और विकट हो सकती है। ऐसे में कंपनियों के पास सीमित विकल्प रह जाएंगे। देश में एलपीजी की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है।

भारत में एलपीजी की रोजाना खपत 93,500 टन है

इसमें से करीब 80,400 टन की सप्लाई घरों में होती है

भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी आयात करता है

ईरान युद्ध से पहले खाड़ी देशों से आती थी 90% LPG

गैस का संकट शुरू होने के बाद सरकार ने कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई रोक दी थी जबकि घरों को एलपीजी की सप्लाई लगातार बनाए रखी। लेकिन अब कमर्शियल कंज्यूमर्स के लिए 40 फीसदी सप्लाई बहाल कर दी गई है। भारत में एलपीजी की रोजाना खपत 93,500 टन है। इसमें से 80,400 टन घरों में सप्लाई होती है। मार्च के पहले पखवाड़े में खपत में 17 फीसदी गिरावट आई। इससे साफ है कि कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स के इतर भी इसका असर पड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post छत्तीसगढ़ में मंत्रियों के गृह जिलों में अफीम की खेती ने बढ़ाया सियासी विवाद