पालतू कुत्ते का चाटना पड़ सकता है भारी, महिला को गंवानी पड़ी दोनों हाथ और पैर, जानें क्या है सेप्सिस का खतरा

पालतू कुत्ते का चाटना पड़ सकता है भारी, महिला को गंवानी पड़ी दोनों हाथ और पैर, जानें क्या है सेप्सिस का खतरा

पालतू जानवर हमारे परिवार का हिस्सा होते हैं, लेकिन कभी-कभी उनकी एक छोटी सी हरकत जानलेवा साबित हो सकती है.यूनाइटेड किंगडम की 52 वर्षीय मंजीत संघा के साथ जो हुआ, वह दुनिया भर के लिए एक चेतावनी है. अपने पालतू कुत्ते द्वारा एक मामूली सा घाव चाटने की वजह से मंजीत को न केवल सेप्सिस (Sepsis) जैसी जानलेवा बीमारी हुई, बल्कि उन्हें अपने दोनों हाथ और पैर भी गंवाने पड़े.

जुलाई 2025 के एक सप्ताहांत में फार्मेसी कर्मचारी मंजीत को हल्का बुखार और थकान महसूस हुई. अगली सुबह उनके पति ने उन्हें बेहोश पाया. उनके होंठ नीले पड़ चुके थे और हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे थे. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पाया कि उन्हें सेप्सिस हो गया है.

 

डॉक्टरों का मानना है कि कुत्ते की लार में पाया जाने वाला Capnocytophaga canimorsus नामक बैक्टीरिया मंजीत के शरीर में एक मामूली खरोंच के जरिए प्रवेश कर गया. इसके बाद उनके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) नियंत्रण से बाहर हो गई और अपने ही अंगों को नुकसान पहुंचाने लगी.

सेप्सिस को अक्सर “ब्लड पॉइजनिंग” भी कहा जाता है. यह तब होता है जब शरीर किसी संक्रमण के प्रति इतनी आक्रामक प्रतिक्रिया देता है कि उसके अपने ही अंग विफल होने लगते हैं.

संक्रमण के 24 घंटों के भीतर वह कोमा में चली गईं. अस्पताल में उनके दिल ने 6 बार धड़कना बंद किया (Cardiac Arrest). अंगों को बचाने और जहर को फैलने से रोकने के लिए डॉक्टरों को उनके दोनों हाथ और घुटने के नीचे से दोनों पैर काटने पड़े. उन्हें निमोनिया, पित्त की पथरी और तिल्ली (Spleen) निकालने जैसी गंभीर प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा. सेप्सिस के लक्षणों को पहचानें कंपकंपी के साथ तेज बुखार दिल की धड़कन तेज होना और सांस फूलना. भ्रम की स्थिति या बेहोशी. त्वचा पर अजीब दाने या चकत्ते पड़ना. पेशाब की मात्रा में कमी आना.

हालांकि कुत्ते के चाटने से ऐसी गंभीर स्थिति होना बहुत दुर्लभ है, फिर भी डॉक्टरों ने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है. अगर पालतू जानवर किसी कटे हुए स्थान या खरोंच को चाट ले, तो उसे तुरंत साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं. अगर घाव के आसपास सूजन या लालिमा बढ़ती है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

 

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