



🔹️शिवनाथ नदी मुक्तिधाम होगा आधुनिक व आध्यात्मिक स्वरूप में विकसित,



🔹️ महापौर अलका बाघमार की बड़ी पहल,मुक्तिधाम सौंदर्यीकरण का खाका तैयार,
🔹️ दो भव्य प्रवेश द्वार, प्रार्थना कक्ष और शोक सभा हॉल को की जाएगी बेहतर व्यवस्थित,
🔹️ मुक्तिधाम मार्ग से लेकर संपूर्ण परिसर तक व्यापक हरियाली व स्वच्छता,
🔹️ सार्वजनिक सुविधाओं को मिलेगा विस्तार,सुलभ शौचालय निर्माण,
दुर्ग, 26 फरवरी। नगर पालिक निगम।शहर के सबसे महत्वपूर्ण अंतिम संस्कार स्थलों में से एक शिवनाथ नदी मुक्तिधाम को अब पूरी तरह नए, स्वच्छ, आधुनिक और आध्यात्मिक स्वरूप में विकसित करने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। नगर पालिक निगम की महापौर अलका बाघमार की पहल पर यह महत्त्वाकांक्षी परियोजना आकार ले रही है, जिसका उद्देश्य मुक्तिधाम को गरिमामय, शांत और सुविधाजनक स्थल के रूप में विकसित करना है।
निरीक्षण में शामिल रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
गुरुवार की सुबह महापौर के नेतृत्व में मुक्तिधाम का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
इस निरीक्षण में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें देव नारायण चंद्रकार ( लोक कर्म विभाग प्रभारी),चतुर्भुज राठी ( वरिष्ठ भाजपा नेता), मनीष साहू, ( सामान्य प्रशासन प्रभारी,अरुण सिंह (जिला भाजपा प्रवक्ता)
मो. सिद्दीकी( कार्यपालन अभियंता),मनोज राठी( समाज प्रतिनिधि)राजू पोद्दार,राधेश्याम चांडक, हेमंत टावरी,चीकू भूतड़ा सभी ने मुक्तिधाम के अंतिम बिंदु तक पहुँचकर आवश्यक विकास कार्यों की जरूरतों का आकलन किया। निरीक्षण के बाद बेहतर प्लानिंग की दिशा में विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
मुक्तिधाम को मिलेगा दिव्य, शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण
परियोजना का लक्ष्य मुक्तिधाम को केवल सौंदर्यपूर्ण बनाना ही नहीं, बल्कि उसे विशेष आध्यात्मिक माहौल से युक्त करना है, ताकि अंतिम विदाई की प्रक्रिया श्रद्धा और गरिमा के साथ सम्पन्न हो सके।
मुख्य प्रस्ताव निम्नानुसार हैं
दो भव्य प्रवेश द्वार
दोनों ओर से प्रवेश योग्य मुक्तिधाम को सुसज्जित और आकर्षक द्वारों से जोड़ा जाएगा।
टाइल्स युक्त श्रद्धांजलि सभा कक्ष श्रद्धांजलि सभाओं के लिए आधुनिक, साफ-सुथरा और सम्मानजनक कक्ष विकसित किया जाएगा, जो टाइल्स और विशेष सज्जा से युक्त होगा।
मुक्तिधाम परिसर में लाइटिंग की प्राप्त व्यवस्था की जाएगी और लकड़ी जो परिसर में फैली हुई थी उसे व्यवस्थित ढंग से एक तरफ उसका सेड निर्माण कराया जाएगा।
मार्ग व परिसर का भव्य सौंदर्यीकरण,पुष्प वाटिका से मुक्तिधाम तक जाने वाले मार्ग को विशेष सौंदर्यीकरण के साथ विकसित किया जाएगा, जिससे लोगों को बेहतर वातावरण मिल सके।
हरियाली एवं स्वच्छता पर विशेष जोर मुक्तिधाम के चारों ओर व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।
संपूर्ण परिसर को अत्यधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और शांत वातावरण देने पर कार्य होगा।
गार्डन एरिया को आकर्षक बनाते हुए प्राकृतिक माहौल तैयार किया जाएगा।
सार्वजनिक सुविधाएँ होंगी अपग्रेड मुक्तिधाम के बाहर सुलभ शौचालय का निर्माण किया जाएगा।
परिसर में पूर्व स्थापित बोरवेल की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।बैठने की पर्याप्त और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।साफ-सफाई के लिए नियमित टीम और संसाधन बढ़ाए जाएंगे।नई पहचान की ओर बढ़ता मुक्तिधाम
महापौर बाघमार का कहना है कि शिवनाथ नदी के तट पर स्थित यह मुक्तिधाम आने वाले समय में न केवल सौंदर्य का प्रतीक बनेगा, बल्कि अपनी आध्यात्मिक शांति, स्वच्छता और सुविधा-संपन्न व्यवस्था के लिए एक आदर्श स्थल के रूप में पहचाना जाएगा।परियोजना पूरी होने के बाद मुक्तिधाम एक नए स्वरूप में दिखाई देगा,भव्य, शांत, स्वच्छ और आध्यात्मिक ऊर्जा से युक्त/जन संपर्क/राजू बक्शी
