नकली मुहर, फर्जी दस्तखत… डाक विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 52 युवाओं से 2.34 करोड़ की ठगी

राजधानी में पोस्ट मास्टर और पोस्टमैन की शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर 52 प्रार्थियों से दो करोड़ 34 लाख रुपये की संगठित ठगी की गई है। मामले में खुद को दिल्ली पोस्ट आफिस का डायरेक्टर बताने वाला मास्टरमाइंड नरेश मनहर सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। प्रार्थी संजय निराला की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में अपराध दर्ज किया गया था।

आरोपित विश्वास दिलाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए गए, उन पर नकली सील और हस्ताक्षर लगाए गए, नियुक्ति पत्र डाक के माध्यम से आवेदकों के पते पर भेजे गए, ताकि प्रक्रिया असली लगे। इस तरह 52 लोगों से किस्तों में कुल 2.34 करोड़ रुपये वसूले गए।

 

मास्टरमाइंड नरेश मनहर की भूमिका

– पूरी साजिश का संचालन करता था।

 

– फर्जी लेटरहेड, सील और नियुक्ति पत्र तैयार करवाता था।

 

– रकम के लेन-देन की निगरानी करता था।

 

– आवेदकों को इंटरव्यू और ज्वाइनिंग की झूठी तारीखें बताकर समय निकालता था।

 

– आमासिवनी पंडरी क्षेत्र में फर्जी आफिस संचालित कर विश्वास कायम करता था।

 

– उसके कब्जे से दो स्मार्टफोन, लैपटाप, कंप्यूटर सेटअप, कलर प्रिंटर, नोट गिनने की मशीन, फर्जी नियुक्ति पत्रों की प्रतियां, नकली सील और कई दस्तावेज जब्त किए गए।

 

– जांच में उसके इलेक्ट्रानिक उपकरणों से डीपीयू (डा. डीवाई पाटिल विद्यापीठ) की फर्जी एमबीबीएस डिग्री की साफ्ट कापी भी मिली है। इसके अलावा एक महिला के बैंक खाते में उसके बैंक खाते से लगभग 40 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन पाए गए हैं।

आवेदकों से नकद और आनलाइन माध्यम से रकम इकट्ठा करता था।

 

– फर्जी नियुक्ति पत्र प्रिंट करता था।

 

– आवेदकों को फोन कर दस्तावेज जमा कराने और भुगतान की याद दिलाता था।

 

– उसके कब्जे से मोबाइल और लैपटाप जब्त किया गया।

 

हीरा का काम

– आवेदकों से आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, फोटो आदि दस्तावेज एकत्र करता था।

 

– बैंक खातों के संचालन और लेन-देन में सहयोग करता था।

 

– उसके पास से दो मोबाइल, एक लैपटाप, बैंक चेकबुक और कार जब्त की गई।

 

राकेश रात्रे की भूमिका

– दस्तावेजों की छंटाई और रिकार्ड तैयार करने का काम करता था।

 

– बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर में सहयोग करता था।

 

– उसके पास से मोबाइल और बैंक पासबुक जब्त की गई।

 

फर्जी संस्थाओं का नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित ‘गुडलक माइक्रो फाइनेंस बैंक’, ‘गुडलक हेल्थ सर्विस’ और ‘गुडलक फूड सर्विस’ के नाम से फर्जी संस्थाएं संचालित कर रहे थे। इन संस्थाओं के माध्यम से भी ठगी की आशंका है।

नरेश मनहर (24), निवासी ग्राम ताल देवरी थाना बिर्रा जिला जांजगीर चांपा।

 

– भुनेश्वर बंजारे (26), निवासी छुईहा घासीदास चौक के पास थाना बिलाईगढ जिला सारंगढ़।

 

– हीरा दिवाकर (31), निवासी ग्राम ताल देवरी थाना बिर्रा जिला जांजगीर चांपा।

 

– राकेश रात्रे (33), निवासी जांजगीर चांपा हाल पता जिला रायपुर।

 

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