



रायगढ़ जिले के घरघोड़ा-लैलूंगा वन क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत भेंगारी स्थित राजस्व वन भूमि पर एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी (आईएएस) के नेतृत्व में राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई की।

छापे के दौरान एक ट्रैक्टर से लगभग 10 टन खैर लकड़ी जब्त की गई, जिसे अवैध रूप से संग्रहित कर अंतरराज्यीय तस्करी की तैयारी की जा रही थी। जब्त लकड़ी को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है।
कार्रवाई के दौरान मौके से चार आरोपितों को हिरासत में लिया गया। आरोपितों की पहचान कमल प्रकाश, प्रेम, संतोष और राजेश के रूप में हुई है। सभी आरोपी उत्तरप्रदेश के जिला बरेली स्थित मैसोर गांव के निवासी बताए गए हैं। वन विभाग ने सभी से पूछताछ शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से घरघोड़ा-लैलूंगा क्षेत्र में वन कर्मियों के संरक्षण में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी हो रही थी। रात्रि गश्त को गंभीरता से नहीं लेने के कारण लकड़ी तस्करों और शिकारियों के हौसले बुलंद थे, जो रात में जंगलों की कटाई कर अवैध खरीद-फरोख्त कर रहे थे।
इस कार्रवाई में घरघोड़ा एसडीओ वन विभाग से आसुतोष मंडावा, तहसीलदार मनोज कुमार गुप्ता, नायब तहसीलदार सहोदर राम, वन परिक्षेत्र अधिकारी सी.के. राठिया सहित राजस्व एवं वन विभाग का पूरा अमला मौके पर मौजूद रहा।
वन विभाग की टीम सभी आरोपितों को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई में जुटी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में वन माफिया और लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है।
