अब दो कारें आपस में बात कर सड़क हादसे कम करेंगी, सरकार ला रही नई टेक्नॉलजी

वीइकल-टू-वीइकल (V2V) एक ऐसी कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी है, जिसमें गाड़ियां एक-दूसरे के साथ वायरलेस तरीके से डेटा शेयर कर सकेंगी और आपस में तालमेल बिठाकर सड़कों पर चलेंगी, जिससे सड़क हादसे की संभावनाओं को टाला जा सकेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार जल्द ही ऐसी रोड सेफ्टी टेक्नॉलजी पेश करने वाली है।

भारत एक ऐसा देश है, जहां रोड एक्सीडेंट्स सबसे ज्यादा होते हैं और हर साल लाखों लोगों की मौत की वजह सड़क हादसे बनते हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से सड़क हादसों को कम करने की तमाम कोशिशें होती हैं और केंद्रीय सड़क और परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी इस बारे में लगातार प्रयासरत हैं। अब केंद्र सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए एक नई तकनीक लाने की तैयारी में है, जो कि वीइकल-टू-वीइकल कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी (V2V) है। इसमें आपकी कार को पता चल जाएगा कि आगे वाली कार अचानक ब्रेक लगा रही है, भले ही आप उसे देख न पाएं। या फिर अगर कोई गाड़ी ब्लाइंड स्पॉट में है, तो आपकी कार आपको पहले ही अलर्ट कर देगी। यह सब रियल-टाइम में होगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार वाहन-से-वाहन संचार तकनीक पर काम कर रही है, जिससे गाड़ियां आपस में बात कर सकेंगी। इस कम्युनिकेशन टेक्नॉलजी से ड्राइवरों को दूसरी गाड़ियों की स्पीड, लोकेशन और अचानक सामने आने वाली गाड़ियों के बारे में तुरंत पता चल जाएगा। इससे ड्राइवर समय पर सही फैसला ले पाएंगे और एक्सीडेंट का खतरा कम होगा। यह तकनीक लगभग 300 से 500 मीटर के दायरे में मौजूद अन्य वाहनों को अलर्ट भेजने और प्राप्त करने में सक्षम होती है। यह डेडिकेटेड शॉर्ट रेंज कम्युनिकेशन (DSRC) या 5G नेटवर्क की मदद से संभव होता है।

आपको बता दें कि इस खास टेक्नॉलजी को लाने के लिए सरकार ने कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक टीम बनाई है। दूरसंचार विभाग ने V2V कम्युनिकेशन के लिए 5.875-5.905 गीगाहर्ट्ज वाले स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह जानकारी नितिन गडकरी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की एक बैठक के बाद दी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार सड़क इंजीनियरिंग को बेहतर बनाने, कानूनों को कड़ाई से लागू करने और ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाने जैसे तरीकों से भी सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने की कोशिश कर रही है। देश में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें लगभग 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती है। दुख की बात यह है कि मरने वालों में से करीब 66 फीसदी लोग 18 से 34 साल के युवा होते हैं।

यहां बता दें कि केंद्र सरकार अगले बजट सत्र में मोटर वाहन अधिनियम में भी कुछ बदलाव लाने की योजना बना रही है। कुल 61 संशोधनों का प्रस्ताव है। इन बदलावों का मकसद रोड सेफ्टी को बढ़ाना, व्यापार को आसान बनाना, लोगों को मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर करना, आवागमन को सुगम बनाना, कानूनों की भाषा को सरल करना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से नियमों को बदलना है। ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए एक पॉइंट-बेस्ड सिस्टम आने वाले समय में शुरू किया जा सकता है।

यहां बता दें कि नितिन गडकरी की राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों के साथ बैठक में बसों, स्लीपर कोचों और पैसेंजर वीइकल्स के लिए और भी बेहतर सुरक्षा नियम बनाने पर भी चर्चा हुई। साथ ही बस बॉडी कोड, भारत एनकैप सेफ्टी रेटिंग और अडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसी अडवांस तकनीक को लागू करने जैसे विषयों पर भी विचार किया गया। ADAS में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन कीप असिस्ट समेत कई ऐसी तकनीकें आती हैं, जो सड़क हादसों को रोकने में मदद करती हैं। (इनपुट्स- पीटीआई)

 

 

 

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