



रायगढ़ जिले के अंजोरीपाली गांव में छत पर शराब की टंकी बनाकर नल से उसकी सप्लाई करने वाले आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस तरीके से आरोपी मनोज जोल्हे (40 वर्ष) शराब बेचने का धंधा कर रहा था। उसे देखकर आबकारी विभाग की टीम भी हैरान रह गई। मामला खरसिया चौकी क्षेत्र का है।

आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त आशीष उप्पल ने बताया कि आरोपी मनोज जोल्हे ने अपनी छत पर एक छिपी हुई टंकी बनाकर रखी हुई थी। इसमें महुआ शराब भरी जाती थी। वहीं नीचे घर के एक कमरे में एल्यूमीनियम की गेट के सहारे छिपाकर एक पाइप लाइन बिछाई गई थी। उसमें आरोपी ने नल लगा दिया था। जब उसके पास ग्राहक आते थे, तब वो इसी नल से निकालकर शराब उन्हें देता था।
मिली सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने आरोपी के घर में दबिश दी। पहले तो आरोपी ना-नुकुर करता रहा, लेकिन एक-एक जगह की बारीकी से जांच करने पर पूरे मामले का खुलासा हो गया। आरोपी ने अपने पूरे गोरखधंधे का खुलासा टीम के सामने किया। आबकारी विभाग ने आरोपी के घर की टंकी की तलाशी ली, तो उसमें 30 लीटर महुआ शराब मिली।
आरोपी पिछले डेढ़ साल से शराब बनाकर बेच रहा था। हर रोज करीब 40 लीटर शराब की बिक्री थी। 150 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से एक दिन में 6 हजार रुपए की कमाई आरोपी को हो जाती थी। इस काम में मनोज की पत्नी भी सहयोग करती थी।
शराब को जब्त कर आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) क 34 (2) एवं 59 (क) के तहत केस दर्ज किया गया। आबकारी विभाग की टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पहले गांव के ही एक व्यक्ति को कुछ पैसे दिए गए और मनोज जोल्हे के घर शराब खरीदने भेजा गया। गांव का युवक शराब लेकर आ गया। इसके बाद टीम मनोज के घर पहुंच गई। कुछ देर तक आबकारी टीम समझ ही नहीं पा रही थी कि मनोज के घर में टंकी कहां बनी है। इसी बीच उनकी नजर एक बंद कमरे पर पड़ी। कमरे को खुलवाया गया, जहां सोफे के नीचे नल लगा था।
अंजोरीपाली गांव जंगलों से घिरा है, जहां आसानी से महुए की उपलब्धता हो जाती है। आबकारी विभाग के अधिकारी का कहना है कि गांव में लगभग सभी दुकानों में महुआ मिलता है, इसलिए शराब बनाना आसान है। सूखे महुए की बिक्री पर रोक भी नहीं है।