एमपी में तहसीलदार को मिला सरकारी घर, लेकिन शर्त ये कि जानवर नहीं पाल सकतीं… वो बोलीं- ये तो प्रताड़ना है

श्योपुर। टीवी क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख जीत कर चर्चाओं में आईं तहसीलदार अमिता सिंह तोमर के कलेक्ट्रेट कार्यालय से जारी आवास आवंटन के आदेश में अजीबोगरीब शर्तें जोड़ दी गई हैं। आदेश में उन्हें चेतावनी दी है कि वह जानवर नहीं पाल सकती हैं। ऐसा पाए जाने पर आवास खाली कराया जाएगा। तहसीलदार ने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है और उन्होंने कलेक्टर के समक्ष आपत्ति जताई है।

15 जुलाई को तहसीलदार और प्रभारी भू-अभिलेख अधीक्षक अमिता सिंह को आवास आवंटित किया है। कलेक्ट्रेट कालोनी में बने आवासों में उन्हें आवास आवंटित किया गया है। आवास के साथ ही उन्हें सशर्त कहा है कि वह कोई भी जानवर को नहीं पाल सकतीं। बुधवार को आदेश की कापी लेकर तहसीलदार अमिता सिंह ने विरोध जताया।

 

उनके पास दो डॉग

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उन्होंने बताया कि वह एफ और ई टाइप आवास की पात्रता रखती हैं और एक कमरे वाला जी टाइप आवास दिया जा रहा है, जिसे सामान्य तौर पर संविदा टाइप कर्मचारियों को आवंटित किया जाता है। तहसीलदार अमिता ने कहा कि जानवर वाली शर्त जोड़ना ठीक नहीं है। उनके पास दो पालतू श्वान हैं। अगर वह आवंटित आवास में शिफ्ट हो जाती है तो क्या श्वान को रोड पर रखेंगी।

यह आदेश उनके पद और गरिमा के खिलाफ है। इसे लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है। तहसीलदार अमिता सिंह ने आवास आवंटन के बाद कहा कि उन्हें प्रताड़ित करने की मंशा से ये सब किया जा रहा है। पहले तहसीलदार के चार्ज से हटाकर अधीक्षक भू अधीक्षक का चार्ज दे दिया। अब आवास आवंटित किया है तो उसमें भी शर्तें तय कर दी है।

तहसीलदार का चार्ज नहीं मिलने पर दे दिया था इस्तीफा

तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की विजयपुर में हुए उपचुनाव के वक्त जिले में पोस्टिंग हुई थी। ज्वाइनिंग के बाद उन्हें काफी समय तक श्योपुर में किसी तहसील का चार्ज नहीं दिया तो अगस्त-2023 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था, जब मामले ने काफी सुर्खियां बटोरीं तो उन्हें वीरपुर तहसीलदाार बनाया गया तो वहां से भी एक ही महीने में एक विवाद के बाद उन्हें हटा दिया गया था। ईद व प्रियंका गांधी को लेकर भी वह विवादित पोस्ट कर चुकी हैं।

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