ईदगाह मैदान में गणेश पूजा की अनुमति देने पर विवाद,SC में सुनवाई

कर्नाटक  बेंगलुरु के ईदगाह मैदान में गणेश पूजा की अनुमति देने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मैदान के चारों ओर चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। वहीं इस बीच  राज्य के वक्फ बोर्ड इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जहां कुछ देर में सुनवाई शुरू हो जाएगी।  वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तत्काल सुनवाई के लिए मामले का उल्लेख किया था।  उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश से अनावश्यक तनाव पैदा होगा।

बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कर्नाटक सरकार को चामराजपेट में ईदगाह मैदान के उपयोग की मांग करने वाले आवेदनों पर विचार करने और उचित दिशा-निर्देश पारित करने की अनुमति दे दी थी।  मैदान के पास की गई सुरक्षा व्यवस्था पर डीसीपी लक्ष्मण बी. निम्बार्गी (पश्चिम मंडल) ने कहा कि पिछले 15 दिनों से बदमाशों पर कार्रवाई की जा रही है। हम कानून और व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। गणेश चतुर्थी की पृष्ठभूमि पर भी हमने सभी समुदाय के नेताओं के साथ शांति बैठक की है। हमने चामराजपेट में लगभग 1600 पुलिस कर्मियों को तैनात किया है। 3 DCP, 21 ACP, लगभग 49 निरीक्षक, 130 PSI और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी शांति और सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है।

हुबली-धारवाड़ के महापौर इरेश अचंतगेरी ने निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ चली लंबी बैठक के बाद सोमवार देर रात इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह फैसला नगर निकाय द्वारा इस मुद्दे पर गठित सदन की समिति की अनुशंसा पर लिया गया।  महापौर ने कहा कि सदन की समिति ने कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श लेने के बाद गणेश उत्सव की अनुमति देने की अनुशंसा की थी। इसे उत्सव को अनुमति देने के पक्ष में 28 और विरोध में 11 ज्ञापन मिले थे। उन्होंने बताया कि समिति की रिपोर्ट और विस्तृत चर्चा के बाद तीन दिन के लिए गणेश उत्सव की अनुमति देने का फैसला किया गया। महापौर ने बताया कि छह संगठनों ने गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनमुति मांगी थी, जिनमें से एक को चुना गया और बाकी से सद्भावनपूर्वक तरीके से उत्सव मनाने में सहयोग करने का अनुरोध किया गया।

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