



आतंकियों ने हाथों में कलावा देखकर.. नाम पूछकर.. धर्म जानकर खून की होली खेली.. मौत का नंगा नाच किया.. लेकिन स्थानीय कश्मीरियों के लिए ये आतंकी हमला उनके पेट पर लात मारने से कम नहीं है. जम्मू-कश्मीर में लंबे अरसे बाद फिर से पर्यटन बढ़ रहा था. आतंकवाद से त्रस्त जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोग फिर से पर्यटन से जुड़े काम धंधों में निवेश बढ़ाकर परिवार पाल रहे थे. इस आतंकी हमले ने पर्यटन को काफी नुकसान पहुंचाया है. ये वीडियो देखिए, किस तरह टूर ऑपरेटर्स सैलानियों की मदद के लिए आगे आए हैं. ट्रैवलिंग के लिए गाड़ियों की जरूरत हो या घायलों के लिए खून की.. किसी को पैसे चाहिए, किसी को अपनों से बात करने के लिए मोबाइल फोन की जरूरत है.. स्थानीय कश्मीरी हर तरह की मदद करने को तैयार हैं..
