पाकिस्तान ने 72 घंटे बाद भी बीएसएफ जवान को नहीं किया रिहा, फ्लैग मीटिंग करने तक नहीं पहुंचे रेंजर्स

72 घंटे बीतने के बाद भी पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ के जवान पीके साहू को रिहा नहीं किया। तीसरे दिन भी बीएसएफ के अधिकारी फ्लैग मीटिंग के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स का इंतजार कर रहे थे लेकिन वे फ्लैग मीटिंग करने के लिए नहीं पहुंचे।

पिछले तीन दिन से पाकिस्तान रेंजर्स ने उक्त जवान को हिरासत में लिया हुआ है। खुफिया सूत्रों ने बताया कि उक्त जवान की पत्नी रजनी साहू पंजाब रवाना हो गई है। उक्त जवान को पाकिस्तानी रेंजर्स ने उस समय गिरफ्तार किया जब पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी है। इस समय दोनों देशों में तनाव की स्थिति बनी है।

बेटे की वापसी का बेसब्री से इंतजार...
बीएसएफ जवान पीके साहू को अनजाने में पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। अब उनके पिता ने शुक्रवार को कहा कि परिवार उनके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हिरासत में लिए गए जवान के पिता भोलानाथ साहू ने कहा कि उनके बेटे की बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर ने गुरुवार रात उन्हें फोन करके बताया कि उनके बेटे की सुरक्षित रिहाई के लिए बीएसएफ और पाक रेंजर्स के अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग हो रही है।

‘बेटा होली के लिए घर आया था’
साहू ने कहा, ‘मेरा बेटा देश की सेवा कर रहा है और मुझे यकीन है कि उसकी सुरक्षित रिहाई के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।’ साहू ने कहा, ‘मुझे अभी तक अपने बेटे के ठिकाने के बारे में कोई और जानकारी नहीं मिली है।’ उन्होंने बताया कि उनका बेटा होली के लिए घर आया था और करीब तीन सप्ताह पहले काम पर वापस चला गया था।

बुधवार को पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था
पंजाब के फिरोजपुर सीमा पर बीएसएफ की 182वीं बटालियन में तैनात साहू को बुधवार को पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय जवान वर्दी में था। उसके पास सर्विस राइफल थी। हुगली के रिशरा के हरिसभा इलाके के रहने वाले साहू कथित तौर पर सीमा के पास किसानों के एक समूह के साथ थे, जब वह एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए आगे बढ़े और अनजाने में पाकिस्तान क्षेत्र में चले गए, जहां उन्हें पकड़ लिया गया।

घटना के बारे में पता चलने के बाद से ही पत्नी बेसुध
बीएसएफ जवान की पत्नी रजनी अपने सात वर्षीय बेटे और साहू के माता-पिता के साथ रिशरा में रहती हैं। घटना के बारे में पता चलने के बाद से ही बेसुध हैं। रजनी ने कहा कि उन्होंने अपने पति से आखिरी बार मंगलवार रात को बात की थी, उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि वह जल्द से जल्द वापस आ जाएं।

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