





नियमों को विपरीत निर्माण
मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 150 वर्ग गज के अंदर का क्षेत्र नो मेंस लैंड होता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है, इसके बावजूद पाकिस्तान ने दो बंकर बना दिए थे। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के साथ कमांडेंट स्तर की फ्लैग मीटिंग में भारतीय अधिकारियों ने यह मुद्दा उठाया था। भारत ने निर्माण को गलत बताते हुए नियमों के विपरीत माना था।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया- शौचालय नहीं बंकर है
मीटिंग में पाकिस्तान के अधिकारियों ने इन्हें बंकर नहीं, बल्कि शौचालय बताया था। जबकि सुरक्षा एजेंसियों को पुख्ता जानकारी मिली कि ये बंकर ही हैं। बीएसएफ के उप महानिरीक्षक राजकुमार बसाटा ने बताया कि डेढ़ महीने पहले बाड़मेर जिले से सटी सीमा पर गडरा रोड क्षेत्र में जीरो लाइन के निकट पाकिस्तान ने दो बंकरों का निर्माण करवाया था।
पाकिस्तान ने ढहाए अपने बंकर
पाकिस्तान के दोनों बंकर जीरो लाइन से डेढ़ सौ मीटर अंदर थे। बीएसएफ ने इस पर आपत्ति जताई थी। भारत की चेतावनी के बावजूद पाकिस्तान नहीं माना तो भारत ने भी तीन सप्ताह पहले ही जीरो लाइन के निकट भारत की ओर से तीन बंकर बनवाए। अब पाकिस्तान बैकफुट पर आया और उसने अपना एक बंकर ढहा दिया।
भारत ने रखी ये शर्त
पाकिस्तान का एक बंकर अब भी मौजूद है। पाकिस्तानी रेंजर्स ने एक बंकर हटाने के बाद भारत से तीनों बंकर हटाने के लिए कहा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान जब तक दूसरा बंकर नहीं हटाएगा, तब तक हम अपना एक भी बंकर नहीं हटाएंगे। अगर पाकिस्तान का एक बंकर नियमों के मुताबिक है तो भारत के तीन बंकर भी सही हैं।