कोयले के धंधे में 300 करोड़ की हेराफेरी

रायपुर चार जिलों में स्थित कुछ कोलवाशरी और कोल डीपों में ही 300 करोड़ रुपए की हेराफेरी पकड़ में आई है। यह गड़बड़ी स्टेट जीएसटी और माइनिंग रॉयल्टी की राशि में हुई है। पिछले दिनों सरकार के विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों ने इन जिलों में छापा डालकर दस्तावेज जब्त किए थे।

अधिकारियों ने बताया, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा की कोल वाशरियों एवं कोल डिपो में पड़2 में गड़बड़ी का प्रारंभिक आकलन पूरा हो गया है। अब तक की पड़ताल में पता चला है कि जीएसटी और माईनिंग रायल्टी में लगभग 300 करोड़ रुपए की गैर कानूनी रूप से हेराफेरी की गई है। यहां पर्यावरण नियमों का उल्लंघन भी पाया गया है।

कुछ मामलों में सरकारी भूमि, नॉन डायवर्टेड जमीन तथा आदिवासियों की जमीन का उपयोग कोलवाशरी और कोल डीपों में पाया गया है। कुछ कोल वाशरियों में नहर के रास्ते का गैर कानूनी रूप से उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया, इन मामलों की व्यापक जांच की जा रही है। इसमें अभी एक सप्ताह का और समय लग सकता है।

पिछले सप्ताह खनिज, राजस्व, पुलिस, जीएसटी और पर्यावरण विभाग के संयुक्त जांच दल ने रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा की कोलवाशरियों एवं कोल डिपो में ताबड़तोड़ छापे मारे थे। 12 से अधिक ठिकानों को खंगाला गया। वहां से दस्तावेजों आदि की जांच की गई। जब्ती भी हुई।

छापे के दिन कहा गया कि कोलवाशरी और कोल डीपो में कोयला स्टॉक में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा कर चोरी, राजस्व विवाद और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के शिकायतों की जांच भी इस कार्रवाई का हिस्सा है। बताया जा रहा है, अगर इसपर कार्रवाई शुरू हुई तो राज्य की एजेंसियों की ओर से अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई होगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post क्रिटिकल केयर यूनिट निर्माण के लिए 16 करोड़ 63 लाख रुपए की स्वीकृति,अरुण वोरा
Next post टीएस सिंहदेव का इस्तीफा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के पद से