सोने के बिस्किट, कस्टम ड्यूटी व जीएसटी की चोरी

सराफा कारोबारी प्रकाश सांखला के महावीर कॉलोनी स्थित घर और गांधी चौक सराफा लाइन स्थित दुकान में डीआरआई की दबिश के बाद पूरे प्रदेश में सोना तस्करी की चर्चाएं तेज हो गई है। डीआरआई के मुताबिक इंपोर्टेड सोने के बिस्किट सांखला के घर से मिले हैं। इसकी कस्टम ड्यूटी और गुड्स एंड सर्विस टैक्स देने के संबंध में भी अनियमितता बरती गई। हालांकि इस मामले में डीआरआई की टीम अब भी जांच कर रही है। डीआरआई की टीम सांखला के संपर्क में रहने वाले अन्य कारोबारियों पर भी नजर रखे हुए हैं। ताकि उनसे भी कुछ इनपुट मिल सके। इन सबके बीच सांखला को पहले नोटिस दिया गया। बाद में गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उनके भतीजे नितिन को भी गिरफ्तार किया गया है। तबीयत बिगड़ने की वजह से गुरुवार को उससे अधिक पूछताछ नहीं की गई।

डीआरआई से जारी बयान में कहा गया है कि 24 मई को सागर में तीन युवकों को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया। जांच के दौरान उनसे विदेशी सोने के बिस्किट मिले। इसका वजन करीब 7.8 किलो रहा। यह बिस्किट की शक्ल में था। यह इंपोर्टेड था। पूछताछ के दौरान पकड़े युवकों ने दुर्ग में भी सोना बेचने की बात कही। उन्होंने सांखला का नाम लिया। इसकी जानकारी पहले भोपाल कार्यालय को दी गई। इसके बाद एक टीम बनाकर दुर्ग में सांखला के महावीर कॉलोनी स्थित निवास और सराफा लाइन स्थित दुकान में दबिश दी गई। इस कारोबार में चाचा और भतीजा नितिन सांखला दोनों बराबर की हिस्सेदारी है। इसकी वजह से टीम ने पहले भतीजे से ही पूछताछ की शुरुआत की।

सागर से जब्त की गई कार, जिससे सोना जब्त किया गया। वहां तीन युवकों को भी गिरफ्तार किया गया।रायपुर कोर्ट से डीआरआई की टीम को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड की अनुमति मिली है। सांखला को वहां के स्थानीय कोर्ट में पुन: रिमांड में लेने के लिए पेश किया जाएगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद सागर में मिले युवकों से तस्दीक कराई जाएगी। रायपुर से 29 मई तक ट्रांजिट रिमांड ली गई।गांधी चौक में एक छोटी सी दुकान से सांखला परिवार ने अपने सोने-चांदी के गहनों के काम की शुरुआत की। करीब 20 साल से उनका ज्वेलरी का काम है। पिछले 7-8 साल में उनका सराफा लाइन में नया प्रतिष्ठान खुला। इसके बाद से इनका कारोबार लगातार बढ़ता गया। साथ में बर्तन आदि के भी दुकान खोले गए। मुख्यत: कारोबार में वृद्धि पिछले 7 -8 साल में ही होना बताया जा रहा है। डीआरआई की टीम को मुखबिर से सोने की तस्करी की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर खोजबीन चल रही थी। तभी उन्हें एक कार दिखी जिसकी रफ्तार सामान्य से अधिक थी। साथ ही भीड़ वाले इलाके में भी बराबर गति से चल रही थी। इसी आधार पर टीम ने पहले कार रुकवाई। उसमें बैठे तीन युवकों से पूछताछ शुरू की। इस दौरान कार में ड्राइवर की सीट के नीचे एक बॉक्स बना मिला। इसमें इंपोर्टेड सोने के बिस्किट मिले। जब उनसे सोने को खपाने के संबंध में जानकारी ली गई तब सांखला का नाम सामने आया।

 जिले में डीआरआई की कार्रवाई, अन्य कारोबारियों पर भी नजर
डीआरआई का गठन और संचालन अभी तक इंदौर से हो रहा था। कुछ दिनों पहले इसके क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर में खोला गया। इसके बाद से छत्तीसगढ़ में इंपोर्टेड सामान के आने और बिकने की निगरानी शुरू हुई। इसी के अंतर्गत जिले में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई और विभाग को डेढ़ किलो सोना समते लाखों रुपए मिले। आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई की संभावना है। हालांकि डीआरआई के अधिकारियों ने अब तक इसे लेकर अन्य किसी प्रकार का खुलासा नहीं किया है। उनकी जांच गोपनीय तरीके से जारी है।

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