लखपति दीदी ने बनाई किसान उत्पादक कंपनी, 430 गांवों की 16 हजार महिलाओं को किया आत्मनिर्भर

राजनांदगांव। नवगठित जिले खैरागढ़ छुईखदान गढ़ई जिले के खैरागढ़ में स्थित स्वर्णोपज महिला किसान उत्पादक कंपनी की अध्यक्ष सेवती साहू ने महिला सशक्तीकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपनी दो एकड़ जमीन से खेती शुरू करने वाली सेवती अब तक लगभग 16 हजार महिला किसान को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं।

पिछले वर्ष उन्हें प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी से सम्मानित किया था। उनकी कंपनी महिला किसानों की उपज को बाजार मूल्य में खरीदती है। इससे किसानों को हर वर्ष 15 से 20 हजार रुपये का लाभ हो रहा है। कंपनी की शुरुआत तीन साल पहले खैरागढ़ में हुई थी।

कंपनी में पांच डायरेक्टर हैं। इसकी अध्यक्ष सेवती हैं। केसीजी जिले के अलग-अलग 430 गांवों की महिला किसान इससे जुड़ी हैं। महिला किसानों की सालाना आय में 15 से 20 हजार रुपये की वृद्धि हुई है।

लखपति दीदी से बनी पहचान

सेवती की पहचान लखपति दीदी से है। 100 से अधिक स्व सहायता समूह की महिलाओं को अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़ रही हैं। साथ ही उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए काम कर रही हैं।

समूह की महिलाओं को सेवती बैंक से लोन दिलाती हैं। इसके साथ-साथ योजनाओं का लाभ उठाकर कैसे लखपति बन सकते हैं, उसकी भी जानकारी दे रही हैं। ताकि अधिक से अधिक महिलाएं योजनाओं का लाभ उठा सकें।

बता दें कि महाराष्ट्र के जलगांव में लखपति दीदी सम्मान समारोह व संवाद कार्यक्रम का आयोजन 25 अगस्त को किया गया था। उस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। समारोह में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम कोहलाटोला की सेवती साहू को भी आमंत्रित किया गया था।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत छग से केवल दो लखपति दीदीयों का चयन हुआ था, जिसमें से एक सेवती साहू थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सेवती साहू से उनके आजीविका गतिविधि एवं कार्यों को लेकर विस्तार से संवाद कर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं भी दी थी।

महिला किसानों को मिला प्लेटफॉर्म

स्वर्णोपज महिला किसान उत्पादक कंपनी की शुरुआत तीन साल पहले खैरागढ़ में हुई थी। केसीजी जिले के अलग-अलग 430 गांवों की 16 हजार महिला किसान कंपनी से जुड़कर अपने उपज को बाजार दर में बेच रही हैं। उपज को बेचने के बाद महिला किसानों को हाथों-हाथ भुगतान भी हो रहा है।

कंपनी में जुड़ी ज्यादातर महिला छोटे स्तर में खेती किसानी करती हैं। बाजार कीमत में उपज की खरीदी होने के कारण महिला किसानों के चेहरे में अलग ही खुशी है। सेवती करीब छह वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में काम कर रही हैं। आज महिला किसानों की सालाना आय में 15 से 20 हजार रुपये की वृद्धि हुई है।

यहीं नहीं किसानों को दो फसल लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं। साथ ही उन्हें कंपनी के माध्यम से महिला किसानों को सरकारी दर में डीएपी, यूरिया सहित अन्य खाद दी जा रही है। कंपनी से खाद मिलने के कारण किसानों को प्रतिवर्ष पांच हजार रुपये की बचत हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post नगर सेवाएं विभाग के मुख्य महाप्रबंधक से मिला भिलाई इस्पात मजदूर संघ का प्रतिनिधि मंडल…कर्मचारियों को बेहतर आवास सुविधा, सुरक्षित टाउनशिप वातावरण एवं बेहतर व किफायती शिक्षा सुविधा हेतु कार्य में तेजी लाने पर चर्चा
Next post छत्तीसगढ़ के 10 नगर निगमों में प्रशासक नियुक्त, जिला कलेक्टर संभालेंगे जिम्मेदारी