



कांकेर। निगरानी समिति ‘‘दिशा’’ की बैठक हुई जिला पंचायत में जिसमें 121 चंहम की एक मोटी फाईल जिसमें लगभग 64 विभागों की जानकारी थी जिसे अध्यक्षता से लेकर समिति के सदस्यों को वितरित किया गया और उसी के आधार पर प्रश्न पूछे गए फिर उसका उत्तर..,,?

हालांकि बैठक देर शाम तक चली ऐसा लगता है लेकिन पीएचई विभाग के ईई को तो माननीय सांसद जी ने कथा नहीं सुनाने की सलाह दी और जल जीवन मिशन के तहत कितनी पानी टंकी बनी है उसका पूरा वितरण के साथ अधूरे छोड़कर भाग जाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही के साथ नोटिस और ब्लेक लिस्टेड के अलावा अंदरुनी इलाकों का दौरा और नहीं तो नींबू काट दूंगा।
सांसद जी के अंदाज़ को भांपते हुए पीएचई वाले साहब ठंडे पड़े और उनकी पूरी बातों को सुन कुछ हामी भरी लेकिन अन्य सदस्यों ने भी टंकी निर्माण की गति व दुर्गति को लेकर जहां अपनी बात कहीं तो वहीं सर्किट हाउस के आसपास अवैध कब्जें को लेकर सीएमओ को भी निर्देश दिये गये।