बैतूल की प्रखरश्री दीदी ने एलएलएम में गोल्ड मेडल हासिल किया, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा ली और वर्ष 2023 में सिविल जज के पद पर चयनित हुईं। अब न्यायिक सेवा में जाने के बजाय जैनेश्वरी दीक्षा लेने जा रही हैं।



कोई ऊंची शिक्षा हासिल कर न्यायाधीश बनने का सपना देखता है, तो कोई इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वर्षों मेहनत करता है। लेकिन बैतूल की बेटी प्रखरश्री दीदी की जीवन यात्रा कुछ अलग है।
एलएलएम में गोल्ड मेडल, लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स से उच्च शिक्षा और सिविल जज के पद पर चयन जैसी उपलब्धियां हासिल करने के बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में ज्वाइनिंग करने के बजाय वैराग्य का मार्ग चुन लिया। अब वे जैनेश्वरी दीक्षा लेकर संयम और साधना के जीवन में प्रवेश करने जा रही हैं।
उनके इस निर्णय से परिवार में जहां भावनाओं का ज्वार है, वहीं बेटी के त्याग और संकल्प पर स्वजन को गर्व भी है। रविवार को बैतूल की सड़कों पर इसी त्याग और आध्यात्मिक समर्पण की अनूठी झलक दिखाई दी। नगर गौरव ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी सहित पांच दीक्षार्थी बहनों के सम्मान में सकल जैन समाज के सहयोग से भव्य बिनौली चल समारोह निकाला गया। विंटेज कारों का काफिला, आकर्षक शाही बग्घियां और राजस्थान के उदयपुर से आए बैंड की शानदार प्रस्तुति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
भव्य बिनौली में पांचों दीक्षार्थी बहनों की अगवानी और सम्मान के लिए बड़ी संख्या में समाजजन जुटे। विंटेज कारों का आकर्षक काफिला और सजी हुई शाही बग्घियां शहर की सड़कों से गुजरीं तो जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। पुष्पमालाओं, जयकारों और धार्मिक उद्घोषों से वातावरण भक्तिमय हो गया। उदयपुर से आए बैंड की प्रस्तुति ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
प्रखरश्री दीदी ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बैतूल में हुई। इसके बाद भोपाल के संस्कार वैली स्कूल से मिडिल और हायर सेकंडरी की पढ़ाई पूरी की। बचपन से मेधावी रहीं प्रखरश्री ने 12वीं के बाद कानून के क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
