छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर एक बड़ा एलान किया है। ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़’ सम्मेलन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में UCC विधेयक पेश करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि होने के नाते महिलाओं का सम्मान और अधिकार सुरक्षित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।





युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों के जरिए हर हाथ को काम देना संभव नहीं है। इसीलिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं। इस नीति के तहत स्थानीय युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने वाले उद्योगपतियों को सरकार विशेष रियायतें और प्रोत्साहन देगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘महतारी वंदन योजना’ के साथ-साथ कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा छीने गए ‘रेडी टू ईट’ काम को दोबारा महिला स्व-सहायता समूहों को सौंप दिया गया है। वर्तमान में लगभग 30 लाख महिलाओं को स्वरोजगार हेतु लोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि 40 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
इंद्रावती नदी पर दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, जिससे 80,000 परिवारों को फायदा होगा। साथ ही गृह मंत्री अमित शाह के सहयोग से बस्तर को देश का सबसे सुरक्षित और समृद्ध आदिवासी अंचल बनाने का रोडमैप तैयार कर लिया गया है।
