छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग और मतांतरण का खेल, गृह मंत्री ने दिए बड़ी कार्रवाई के संकेत, जांच के दायरे में 153 संस्थाएं

अमेरिकी मिशनरियों के माओवाद प्रभावित बस्तर में चल रहे मतांतरण के खेल का राजफाश होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार ईडी ने 153 उन संस्थाओं को जांच के घेरे में लिया है, जिन्हें विदेशी फंड मिल रहा है।

ईडी के मुताबिक, अमेरिका की मिशनरी संस्था द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई) ने बस्तर-धमतरी में साढ़े छह करोड़ रुपये एटीएम से निकाले हैं। इसके बाद उन अन्य संस्थाओं के लेन-देन की भी जांच जारी है, जिन पर विदेशों से मिले धन का दुरुपयोग करने का संदेह है।

बताया जाता है कि इन संस्थाओं ने बस्तर के आदिवासियों को प्रलोभन देकर मतांतरित कराने के लिए विदेशी राशि का उपयोग किया है। विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत संस्थाओं पर केंद्र-राज्य सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है।

मार्च 2025 तक प्रदेश में 364 गैर सरकारी संस्थाएं (एनजीओ) सक्रिय थीं। जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद 84 संस्थाओं की फंडिंग रोक दी गई है, जबकि 127 संस्थाओं की वैधता पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।

देश के छह राज्यों में तलाशी अभियान चलाया

राज्य के गृह विभाग द्वारा केंद्र को लिखे गए पत्र के बाद पहले एनआईए व अब ईडी इस मामले की जांच कर रही है। उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने जल्द ही बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। दो दिन पहले ही ईडी ने ऐसे मामले में कार्रवाई की थी। इसके लिए देश के छह राज्यों में तलाशी अभियान चलाया था।

जांच में अमेरिकी संस्था टीटीआई और उससे जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का राजफाश हुआ है। नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच डेबिट कार्डों के जरिए लगभग 95 करोड़ रुपये भारत में लाए गए थे।

राजनांदगांव प्रकरण से जुड़े टीटीआई के तार

राजनांदगांव मतांतरण प्रकरण में ‘टीटीआई’ का नेटवर्क उजागर हुआ। जांच में डेविड चाको को प्रदेश का कथित मिशनरी कमांडर बताया गया, जो पाल-टिमोथी समूहों को प्रशिक्षण देता था। विदेशी फंडिंग, ट्रेवल वाउचर्स और संगठित मॉड्यूल के जरिए गतिविधियां संचालित हुईं। डेविड के विरुद्ध जनवरी में केस दर्ज किया गया। मार्च में गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत मिल गई।

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बस्तर के 70% गांवों में फैला जाल

बस्तर के लगभग 70 फीसदी गांवों में विदेशी धन के दम पर मतांतरण का अभियान चलाया गया है। जांच एजेंसियों को बस्तर की 18 विशिष्ट संस्थाओं को सीधे विदेशी फंड मिलने के पुख्ता इनपुट मिले हैं। ईडी जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का राजफाश करेगी कि यह पैसा किन-किन माध्यमों से गांवों तक पहुंचा।

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