



सऊदी अरब के शाही परिवार को सता रही ईरानी हमले की आशंका, ऐक्शन में सरकार, प्रिंस सलमान को खतरा?
सऊदी अरब की रेड लाइन यह थी कि अगर उनके नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ तो वे ईरान पर हमला करेंगे और अब चीजें उसी दिशा में जा रही है। ईरान अब सऊदी में नागरिक ठिकानों पर हमले कर रहा है।
सऊदी अरब के शाही परिवार को डर है कि ईरान देश के शीर्ष नेताओं को निशाना बना सकता है। इस वजह से टॉप लीडर्स ने सीक्रेट ऑनलाइन बैठकें करनी शुरू कर दी हैं। द जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सऊदी अरब को चिंता है कि ईरान सीधे या यमन में हूतियों के जरिए देश के सीनियर अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है। ईरान के खिलाफ इजरायल-अमेरिकी युद्ध शुरू होने के बाद से रियाद ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं।


सऊदी अरब के शीर्ष अधिकारियों ने आमने-सामने बैठकों की संख्या काफी कर दी हैं। ज्यादातर बैठकें ऑनलाइन की जा रही हैं। सोर्स के मुताबिक सऊदी के लीडर आमतौर पर रूटीन टाइम में हाई-लेवल वीडियो मीटिंग नहीं करते हैं।
बुधवार को KAN न्यूज ने बताया है कि सऊदी लीडरशिप ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और उनके पिता किंग सलमान समेत सीनियर अधिकारियों की सुरक्षा काफी बढ़ा दी है। उन्हें आशंका है कि चाहे खुद ईरान या उसका प्रॉक्सी हूती विद्रोहियों का तेज हमला हो सकता है।
जंग शुरू होने के बाद से ईरान ने सऊदी अरब की तरफ दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए हैं। जिन टारगेट पर हमला किया गया है उनमें रियाद में CIA हेडक्वार्टर, अरामको की तेल फैसिलिटी और दूसरे नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। ईरान ने साफ कहा है कि जिन देशों से उसपर हमले हो रहे हैं वो देश उसके लिए वैध निशाना है। उसका किसी भी पड़ोसी देश से कोई दुश्मनी नहीं है।
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में नियर ईस्टर्न स्टडीज के प्रोफेसर और हडसन इंस्टीट्यूट में सीनियर फेलो बर्नार्ड हेकेल ने पोस्ट की रिपोर्ट में कहा है कि सऊदी अरब के रणनीतिक गणना पूरी तरह से बदल गए हैं। ईरान देश के नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला कर रहा है। ईरान सिर्फ अमेरिकी बेस को ही निशाना नहीं बना रहा है।
हेकेल ने कहा कि “सऊदी अरब की रेड लाइन यह थी कि अगर उनके नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ तो वे ईरान पर हमला करेंगे और अब चीजें उसी दिशा में जा रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सऊदी लीडर अब सोच रहे हैं कि क्या करना है और क्या उन्हें काउंटरअटैक से जवाब देना चाहिए? सऊदी अरब में अमेरिका के पूर्व राजदूत माइकल रैटनी ने कहा कि “इससे उन्हें (सऊदी) बहुत गुस्सा आ रहा है। ईरानी हमले उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा खतरनाक हैं।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बेकाबू अफरा-तफरी के डर से किंगडम का जवाब अभी भी कंट्रोल में हो सकता है।