



कोल लेवी घोटाले (Chhattisgarh Coal Levy Scam) में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ की संपत्ति ईडी ने कुर्क कर दी है। शराब घोटाला केस में भी सौम्या चौरसिया आरोपित है और मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। इससे परे ईडी ने सौम्या और निखिल चंद्राकर की संपत्ति कुर्क की है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रविधानों के तहत एक अंतिम कुर्की आदेश जारी किया है। इसमें राज्य में कोयला शुल्क की अवैध वसूली के मामले में आरोपित सौम्या, निखिल और अन्य द्वारा अधिग्रहित 2.66 करोड़ रुपये मूल्य की आठ अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। इनमें जमीन और आवासीय फ्लैट शामिल हैं।
अपराध की कमाई से खरीदी गई थीं संपत्तियां
ये संपत्तियां अभियुक्तों सौम्या और निखिल द्वारा अनुसूचित अपराधों अर्थात अवैध कोयला शुल्क वसूली और अन्य जबरन वसूली गतिविधियों से प्राप्त अपराध की आय से अपने रिश्तेदारों के नाम पर अधिग्रहित की गई थीं।
