



सोमवार को बुजुर्ग महिला चंचल श्रीवास्तव दोपहर 1:30 बजे पीएनबी बैंक पहुंची थी. बैंक स्टाफ से एक करोड़ 20 लाख किसी अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा. शक होने पर फ्रंट ऑफिस कर्मचारियों ने चीफ मैनेजर विपिन कुमार को जानकारी दी.

साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. साइबर फ्रॉड करने वाले अधिकतर बुजुर्ग लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया प्रयागराज जिले से, जहां एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया. हालांकि बैंककर्मी की सूझबूझ से महिला शिकार होते-होते बच गई. पीएनबी बैंक सिविल लाइन शाखा के मैनेजर व कर्मियों की सजगता से बुजुर्ग महिला की गाढ़ी कमाई बच गई.
दरअसल, सोमवार को बुजुर्ग महिला चंचल श्रीवास्तव दोपहर 1:30 बजे पीएनबी बैंक पहुंची थी. बैंक स्टाफ से एक करोड़ 20 लाख किसी अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा. शक होने पर फ्रंट ऑफिस कर्मचारियों ने चीफ मैनेजर विपिन कुमार को जानकारी दी. चीफ मैनेजर ने भी महिला से बातचीत की.
शक होने पर चीफ मैनेजर ने एक कर्मचारी को कोटक महिंद्रा बैंक भेजा. जिस अकाउंट में महिला रुपए भेजना चाहती थी वह अक्टूबर में खुला करंट अकाउंट था. यह अकाउंट झारखंड के रांची का था. चीफ मैनेजर ने साइबर क्राइम थाना पुलिस की भी मदद ली, बुजुर्ग महिला को बैंक अधिकारियों और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने देर शाम तक उलझाए रखा, जिसके बाद बैंक मैनेजर ने बुजुर्ग महिला के विदेश में रह रहे बेटे से बात की.
बैंक मैनेजर ने एफडी तोड़ने के बावजूद साइबर ठगों के अकाउंट में रुपए नहीं ट्रांसफर किए. जिससे बुजुर्ग महिला की गाढ़ी कमाई बच गई. बुजुर्ग महिला चंचल श्रीवास्तव शिक्षिका के पद से रिटायर थी. उसके सेविंग, एफडी और वरिष्ठ नागरिक बैंक अकाउंट में एक करोड़ 27 लाख रुपए जमा थेय आशंका है कि साइबर ठगों ने उसे इनकम टैक्स का डर दिखाकर उसे डिजिटल अरेस्ट किया था.
हालांकि महिला ने डिजिटल अरेस्ट को लेकर अभी कोई ठोस जानकारी नहीं दी है. लेकिन इसके बावजूद महिला की जीवन भर की पूंजी बैंक कर्मचारियों अधिकारियों की सजगता से बच गई. पीएनबी के जोनल महाप्रबंधक दीपक सिंह ने भी अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की पीठ थपथपाई है. उन्होंने कहा है कि ज्यादा अमाउंट निकाले जाने पर आरबीआई और पीएनबी की गाइड लाइन है. इस गाइड लाइन का पालन करने से महिला ग्राहक साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बच गयी.