डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ युद्ध के खिलाफ दुनिया का पलटवार, F-35 जेट के ऑर्डर धड़ाधड़ हो रहे कैंसिल, भारी नुकसान

वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप ने जो टैरिफ युद्ध शुरू किया है उसका असर अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट पर पड़ रहा है। कई देशों ने अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट से दूरी बनानी शुरू कर दी है। यूरोपीय देश स्पेन ने एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने की योजना को औपचारिक रूप से स्थगित कर दिया है और पुष्टि की है, कि अब वह यूरोपीय विकल्पों, जैसे यूरोफाइटर टाइफून और फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) पर फोकस करेगा। मैड्रिड में रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने एयरबस, बीएई सिस्टम्स, लियोनार्डो, डसॉल्ट एविएशन और इंद्रा सिस्टेमास की तरफ ध्यान देना शुरू किया है और F-35 लड़ाकू विमान को खारिज कर दिया है।

स्पेन ने एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट सौदे को उस वक्त कैंसिल किया है, जब ट्रंप ने स्पैनिश प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सख्त आलोचना की थी। दरअसल ट्रंप ने स्पेन को नाटो के बजट में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी को पूरा करने के लिए कहा था और उसके लिए अपने देश की जीडीपी में डिफेंस बजट के बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने के लिए कहा था, जिसे स्पेन ने मानने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर ट्रंप भड़क गये और स्पेनिश प्रधानमंत्री की सख्त शब्दों में निंदा करनी शुरू कर दी। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने स्पेनिश वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की भी धमकी दी थी। जिससे गुस्साए स्पेन ने एफ-35 खरीदने से इनकार कर दिया।

अमेरिकी फाइटर जेट को झटके पर झटका
स्पेनिश रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि करते हुए कहा है कि 6.25 अरब यूरो के नए जेट बजट और इसके अलावा 10.5 अरब यूरो के यूरोपीय रक्षा निवेश में अब अमेरिकी विमान के लिए कोई जगह नहीं है। स्पेन के इस फैसले से यूरोप की रक्षा कंपनियों जैसे एयरबस, BAE सिस्टम्स, लियोनार्डो और डसॉल्ट एविएशन को बड़ा फायदा होगा।

सिर्फ स्पेन ही नहीं, बल्कि स्विट्जरलैंड ने भी एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट से दूरी बनानी शुरू कर दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड पर 39 प्रतिशत टैरिफ लगाए हैं, जिसके बाद देश में अमेरिकी फाइटर जेट डील कैंसिल करने की मांग तेजी से शुरू हो चुकी है। देश की संसद में इस सौदे को रद्द करने या नए जनमत संग्रह कराने की मांग उठ रही है। ग्रीन पार्टी के बाल्थासार ग्लैटली और सोशल डेमोक्रेट नेता सेड्रिक वेरमुथ ने एफ-35 खरीद रोकने की अपील की है, जबकि राष्ट्रपति करिन केलर-सुटर की लिबरल पार्टी में भी सौदे को लेकर संदेह बढ़ रहा है।

स्पेन और स्विट्जरलैंड के फैसलों से एफ-35 बनाने वाली अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टन को बहुत बड़ा झटका लगा है। पेंटागन ने पहले ही एफ-35 खरीदने के लिए फंड में कटौती कर दी है। वहीं स्विट्जरलैंड जो 36 एफ-35 खरीदने वाला है, वो कंपनी की 2024 में मिले कुल ऑर्डर का एक तिहाई है। दूसरी तरफ भारत ने भी F-35 कार्यक्रम से दूरी बना ली है। नई दिल्ली ने अमेरिकी लड़ाकू विमान खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जो भी थोड़ी बहुत उम्मीद थी वो डोनाल्ड ट्रंप के 50 प्रतिशत टैकिफ लगाने के बाद खत्म होती नजर आ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post OMG! ऑनलाइन प्यार के जाल में फंसा बुजुर्ग, चार महिलाओं के चक्कर में गंवाए 9 करोड़ रुपये
Next post छत्तीसगढ़: हेलमेट के बिना नहीं मिलेगी शराब और पेट्रोल, बालोद में प्रशासन की सख्ती