छांगुर बाबा से ही वसूला जाएगा कोठी गिराने का पूरा खर्च, जारी रहेगी बुलडोजर की कार्रवाई

बलरामपुर। हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर मतांतरण कराने वाले उतरौला के मधपुर गांव के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की कोठी पर बुधवार को दूसरे दिन भी बुलडोजर चला। मंगलवार को 12 करोड़ की लागत से बनी इस कोठी का एक हिस्सा ध्वस्त किया गया था। आरोप है कि अवैध मतांतरण का केंद्र यहीं से संचालित था। प्रशासन की यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर कब्जा कर कोठी बनाने पर हुई है।

वर्ष 2022 में बनाई गई यह कोठी जलालुद्दीन के साथ रहने वाली नीतू नवीन रोहरा उर्फ नसरीन के नाम पर दर्ज है। 40 कमरों वाली इस कोठी का पूरा परिसर 11 बीघे जमीन में बना है, जिसमें डिग्री कॉलेज का भी निर्माण हो रहा था। मतांतरण कराने और विदेशी फंडिंग के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) जलालुद्दीन, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और इसकी पत्नी नीतू नवीन रोहरा उर्फ नसरीन समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज चुका है। इनकी गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाई गई कोठी को गिराने की प्रक्रिया सोमवार को तीन नोटिस देने के बाद शुरू की थी। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि कोठी ध्वस्त करने में हुआ खर्च भी आरोपितों से ही वसूला जाएगा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में इस प्रकरण में कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया था। मतांतरण के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा, सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन और नवीन उर्फ जमालुद्दीन की कोठी गिराने में बुधवार को आठ बुलडोजर लगाए गए। मधपुर में बुधवार सुबह दस बजे बुलडोजर के साथ पांच थानों की पुलिस, पीएसी जवान व अन्य प्रशासनिक अधिकारी कोठी पहुंचे। बारिश के कारण थोड़े बिलंब से कार्रवाई शुरू हुई। शाम पांच बजे तक 12 करोड़ की लागत से बनी 40 कमरों की कोठी पूरी तरह ध्वस्त नहीं हो सकी। गुरुवार को पुन: कब्जा हटाने की कार्रवाई चलेगी। कोठी के दूसरे हिस्से में प्रशासन ने ताला बंद करा दिया है। कमरे में यूएई में बने डिटर्जेंट, शैंपू आदि सामान भी पाया गया।

हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर मतांतरण कराने वाले छांगुर बाबा व उनके साथ रहने वाली नीतू को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पांच जुलाई को गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी से पहले छांगुर बाबा के बेटे महबूब और नीतू के पति नवीन उर्फ जमालुद्दीन जेल भेजा जा चुका है। एटीएस की विवेचना में उपरोक्त चारों के साथ करीब 18 लोग हैं, जो अवैध मतांतरण में छांगुर बाबा का साथ देते थे। मंगलवार को सरकारी जमीन पर बनी कोठी की नापी कर बुलडोजर चलाया गया था।

जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। आरोपितों पर गैंगस्‍टर की कार्रवाई की तैयारी प्रशासन से शुरू कर दी है। आरोपितों के मुकदमों का विवरण जुटाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि छांगुर बाबा के अन्य सहयोगियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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