कलेक्टर साहब ने कर्मचारियों की लगाई क्लास, कान पकड़कर माफी मांगी, लिया ये संकल्प

कबीरधाम: कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिला पंचायत, जिला अस्पताल और स्कूल में अचानक दबिश दी. उन्होंने देरी से पहुंचने वाले कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई. 42 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं.

कलेक्टर ने लगाई फटकार: कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा जिला पंचायत, जिला अस्पताल और करपात्री स्कूल में आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचे. इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी निर्धारित समय के बाद कार्यालय पहुंचे. कलेक्टर ने मौके पर ही नाराजगी जताते हुए शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं.

42 कर्मचारी देर से कार्यालय पहुंचे: जिला पंचायत कार्यालय में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपस्थिति रजिस्टर देखा. जांच में पाया गया कि कुल 42 कर्मचारी देरी से कार्यालय पहुंचे हैं. कलेक्टर ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. वहीं मौके पर मौजूद कुछ कर्मचारियों ने अपनी गलती स्वीकार की और सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर क्षमा याचना की और भविष्य में समय का पालन करने का संकल्प भी लिया.

कर्मचारियों को नसीहत: कलेक्टर वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला पंचायत और जिला अस्पताल जैसे जनसेवा से जुड़े संस्थान आम जनता की मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित हैं. राज्य शासन ने कार्यदिवस का समय सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया है. ऐसे में सभी अधिकारी और कर्मचारी समय की गंभीरता को समझें और तय समय में कार्यालय में मौजूद रहें.

आकस्मिक निरीक्षण: कलेक्टर ने जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां चिकित्सकों, तकनीकी स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गई. यहां भी कई कर्मचारी समय पर मौजूद नहीं मिले. कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधितों को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.

ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों की शिफ्टवार सूची: कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया है कि ड्यूटी में तैनात चिकित्सकों की शिफ्टवार सूची, उनके नाम और मोबाइल नंबर सहित एक बोर्ड पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि मरीजों और परिजनों को जानकारी लेने में कोई परेशानी न हो.

शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के संकेत: कबीरधाम कलेक्टर ने करपात्री स्कूल में भी आकस्मिक निरीक्षण कर शिक्षकों की उपस्थिति की जांच की. उन्होंने शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही और समय की अनदेखी करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए.

”लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं”: कबीरधाम कलेक्टर ने दो टूक कहा कि समय की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शासन की मंशा है कि आमजन को त्वरित और गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं मिले. अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना होगा. भविष्य में भी आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेंगे और दोषियों के विरुद्ध नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.

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