



रायपुर: देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्याणक लड़ाई लड़ी जा रही है। बुधवार को छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में जवानों ने नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी मेंबर गजरला रवि, अरुणा समेत 3 बड़े कैडर्स का शव बरामद किया है। इलाके में सर्चिंग अभियान जारी है। एनकाउंटर में मारी गई अरुणा स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर थी। वह नक्सली लीडर चलपति की पत्नी है। उसी की एक सेल्फी के कारण चलपति का जवानों ने एनकाउंटर किया था।

गरियाबंद में हुआ था एनकाउंटर
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में जनवरी के महीने में जवानों और सुरक्षाबकर्मियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में नक्सलियों का टॉप लीडर भी मारा गया था। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के शीर्ष सात सदस्यों में शामिल जयराम रेड्डी उर्फ चलपति का शव जवानों को मिला था। जयराम रेड्डी उर्फ चलपति हमेशा हर कदम पर सावधानी बरतता था, लेकिन पत्नी के साथ उसकी एक सेल्फी ने सुरक्षा बलों को उस तक पहुंचा दिया था।
कौन थी अरुणा
अरुणा, केंद्रीय समिति के सदस्य जयराम रेड्डी उर्फ चलपति की पत्नी थी। अरुणा अराकू विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमा की हत्या में शामिल थी। माओवादियों ने 2018 में विशाखापत्तनम जिले में टीडीपी के दो नेताओं की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अरुणा विशाखापत्तनम जिले के पेंडुर्थी मंडल के करकावानीपालम की मूल निवासी थी और उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था।
एक सेल्फी से हुई पहचान
जंगलों में रहने के दौरान चलपति की दोस्ती आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (एओबीएसजेडसी) की ‘डिप्टी कमांडर’ अरुणा उर्फ चैतन्या वेंकट रवि से हुई। फिर चलपति ने उससे शादी कर ली। चलपति सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से दूर था, लेकिन अरुणा के साथ ली गई एक सेल्फी से उसकी पहचान हो गई थी। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
फोन में मिली थी सेल्फी
इस जोड़े की यह सेल्फी उस स्मार्टफोन में मिली थी, जिसे मई 2016 में आंध्र प्रदेश में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के बाद बरामद किया गया था। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में चलपति समेत 16 माओवादी मारे गए।