कनाडा में पीएम मोदी की जान को खतरा! खालिस्तानियों ने G7 में बुलाने के लिए कनाडाई पीएम को कहा शुक्रिया, खुलेआम दे रहे धमकियां

ओटावा: कनाडा में खालिस्तानी बेलगाम हो चुके हैं। कनाडा के खालिस्तानी भारतीय प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं फिर भी कनाडा की सरकार उसे फ्रीडम ऑफ स्पीच बता रही है। ये हिप्पोक्रेसी की हद है। कनाडा में खालिस्तानियों ने एक प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसमें जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित करने के लिए कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को शुक्रिया कहा गया है। खालिस्तानियों का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भारत और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नफरती शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

आपको बता दें कि कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री मोदी को G7 सम्मेलन में आमंत्रित किया है । एक तरफ जहां यह कदम द्विपक्षीय रिश्तों को सुधारने की कोशिश मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर भारत ने खालिस्तानी रैलियों और हिंसा के चलते अपनी राजनयिकों और प्रवासी समुदाय को सुरक्षा खतरे के संदर्भ में सतर्क किया है । भारतीय विदेश मंत्रालय ने कई बार रैलियों में हिंसक प्रतीकों का इस्तेमाल करने और तिंरेगे का अपमान करने के लिए गहरी आपत्ति जताई है, लेकिन कनाडा की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए गये हैं।

प्रधानमंत्री मोदी को कनाडा में जान का खतरा
खालिस्तान समर्थकों ने इससे पहले कनाडाई प्रधानमंत्री से भारतीय प्रधानमंत्री को न्योता नहीं भेजने का आग्रह किया था। बावजूद इसके कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री मोदी को टेलीफोन कर जी7 शिखर सम्मेलन के लिए न्योता दिया। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी जी7 में शामिल होने के लिए कनाडा की यात्रा करने वाले हैं। सिख फॉर जस्टिस (SFJ), जो एक प्रतिबंधित संगठन है उसने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें “मोदी की राजनीति को आने से जाने तक घेरने” की कसम खाई गई है। वीडियो में पन्नू ने कहा, “मैं मार्क कार्नी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो एक कनाडाई पीएम से ज्यादा एक व्यवसायी हैं, जिन्होंने खालिस्तान समर्थक सिखों को जी 7 देशों के सामने मोदी की राजनीति को घेरने का ऐतिहासिक मौका दिया।”

एसएफजे ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन का मकसद जी7 देशों को खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए मोदी को जवाबदेह ठहराने के लिए मजबूर करना है। पन्नू ने भारत पर ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने का भी आरोप लगाया, जिसे उन्होंने पाकिस्तानी शब्दावली का उपयोग करते हुए “मस्जिदों को निशाना बनाकर पाकिस्तान पर आतंकी हमला” बताया। आपको बता दें कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जुड़ी जगहों पर सटीक हवाई हमले किए थे, जो पहलगाम आतंकी हमले का बदला था, जिसमें 26 पर्यटकों की आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हत्या कर दी थी।

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