भारत में स्वदेशी तोपखाना गोला-बारूद को लेकर बड़ा अपडेट, पाकिस्तान की नींद उड़ना तय

नई दिल्ली: भारत अब स्वदेशी तोप गोला-बारूद बनाने में जुटा है। वो इसके बेहद करीब है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) इस पर तेजी से काम कर रहा है। इसका मकसद विदेशी निर्भरता को कम करना है। पिछले दो सालों में 155 mm तोप के चार तरह के गोलों का परीक्षण किया गया। ये परीक्षण सफल रहे हैं। सेना की जरूरतों को पूरा करने या उससे बेहतर प्रदर्शन करने वाले ये गोले हैं। इनमें हाई एक्सप्लोसिव, स्मोक और DPICM गोले शामिल हैं। नवंबर तक इनकी फाइनल टेस्टिंग होगी। अगर सेना को ये गोले ठीक लगे, तो बड़े पैमाने पर इनका ऑर्डर दिया जा सकता है।

तोप के गोला-बारूद पर आत्मनिर्भरता की तैयारी

ऐसा होने पर भारत तोप के गोला बारूद को लेकर आत्मनिर्भर बन जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इन गोला बारूद का विकास लगभग पूरा हो चुका है। अब इस्तेमाल के मद्देनजर परीक्षण की तैयारी है। एक सूत्र ने बताया कि उपयोगकर्ता पहले से ही परियोजना में शामिल हैं। इसका मतलब है कि सेना भी इस विकास प्रक्रिया में शामिल है। यह गोला बारूद डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर (DCPP) कार्यक्रम के तहत बनाया जा रहा है।

इस प्रोजेक्ट में दो कंपनियां शामिल

इस कार्यक्रम में दो कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां पहले प्रोटोटाइप बनाएंगी। फिर सेना को बड़ी संख्या में गोला बारूद देंगी। भारत और दुनिया भर में तोप के गोला बारूद की बहुत मांग है। भारत को अगले दस सालों में लगभग 10000 करोड़ रुपये के गोला बारूद की जरूरत होगी। वहीं, निर्यात इससे कई गुना ज्यादा हो सकता है।

पाकिस्तान के लिए टेंशन वाली खबर

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की जय एमुनिशन लिमिटेड और सरकारी कंपनी यंत्र इंडिया लिमिटेड, ये दो कंपनियां DRDO के साथ मिलकर गोला बारूद बना रही हैं। ये दोनों कंपनियां पिछले दो सालों से DRDO के साथ काम कर रही हैं। DPICM गोलों का इस्तेमाल बड़े इलाके को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। इससे दुश्मन को ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

देश में ही बनाया जाएगा गोला-बारूद

भारत सरकार का लक्ष्य है कि देश में ही गोला बारूद बनाया जाए। इससे विदेशों पर निर्भरता कम होगी और पैसे की बचत होगी। साथ ही, यह देश की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे सेना और भी मजबूत होगी। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश में रोजगार भी बढ़ेंगे।

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