100 घंटे, ‘ब्रह्मोस’ के वार और 5 टुकड़े… भारत से जंग में पाकिस्तान का ऐसा होगा हश्र

पाकिस्तानी सेना भारत के हमलों से बचने के लिए खोखला शक्ति प्रदर्शन कर रही है. दो दिन में पाकिस्तान दो मिसाइलों के टेस्ट कर चुका है. पहले अब्दाली, उसके बाद फतह मिसाइल का टेस्ट हुआ है. इधर भारत ने अपनी एडवांस नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल ब्रह्मोस को वॉर ड्यूटी पर तैनात कर दिया है. जिससे इस्लामाबाद में आपात स्थिति पैदा हो गई है.

पाकिस्तान के टॉप जनरल्स चिंता में हैं, क्योंकि पाकिस्तान शक्ति विहीन हो चुका है. इसकी वजह है कि पाकिस्तानी सेना के पास 100 घंटे से भी कम का गोला-बारूद बचा है. मतलब ये कि जंग छिड़ी तो 100 घंटे के अंदर पाकिस्तान के 5 टुकड़े हो सकते हैं.

पाकिस्तान को चुकानी होगी कीमत

बता दें कि भारत की तरफ से घोषणा हो चुकी है कि पहलगाम के प्रतिशोध के लिए आक्रोश से उबल रहे देश की इच्छा जल्द पूरी होगी. उसको भारत के मान, अभिमान और 26 देशवासियों के बलिदान की बड़ी कीमत चुकानी होगी. भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट और मिसाइल पावर पाकिस्तान पर बरसने के लिए तैयार हैं. समय, जगह और टारगेट भारतीय सेना को तय करने हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संकेत दे दिए हैं कि बहुत जल्द आक्रोश से तपते भारतीयों को पाकिस्तान और आतंक के विनाश की सूचना मिलने वाली है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आप सभी हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्छी तरह जानते हैं. उनकी कार्यशैली से भी अच्छी तरह परिचित हैं. उनकी दृढ़ता से भी अच्छी तरह परिचित हैं. जोखिम उठाने का भाव किस तरह उन्होंने सीखा है, अपनी जिंदगी में उससे भी आप वाकिफ हैं. मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जैसा आप चाहते हैं, वैसा होकर रहेगा.

सबसे बड़ा सबक सिखाने की तैयारी

आतंक समर्थक पाकिस्तान को सबसे बड़ा सबक सिखाने के लिए भारत ने ऐतिहासिक तैयारी की है. भारतीय वायुसेना अब हाई-टेक HAPS यानी हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम्स हासिल करने जा रही है. रक्षा मंत्रालय ने तीन HAPS प्लेटफॉर्म्स के लिए RFI यानी रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन जारी किया है. ये सौर ऊर्जा से चलने वाले और लंबी उड़ान भरने में सक्षम UAV हैं. ये 16 से 20 किलोमीटर ऊंचाई पर उड़ान भर सकते हैं.

क्या है भारत की ताकत?

इन ड्रोन से पाकिस्तान सहित देश के दुश्मनों की निगरानी और सैन्य जानकारी जुटाई जाएगी. ये दुश्मन की इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों की जानकारी जुटाकर सेना को भेजेंगे. इसके साथ ही पाकिस्तान से मुकाबले के लिए भारत ने अपनी अत्याधुनिक ब्रह्मोस को वॉर ड्यूटूी पर तैनात कर दिया है. इसके अलावा भारत ने राफेल फाइटर जेट पर ब्रह्मोस-NG क्रूज मिसाइल लगाने को हरी झंडी दे दी है. इससे देश की एयर और नेवल स्ट्राइक क्षमता अचूक होगी. फिलहाल भारत के पास स्कैल्प, रूद्रम, अस्त्र जैसी क्रूज मिसाइलें हैं. लेकिन ब्रह्मोस NG से रफ्तार और रेंज में नई क्षमता विकसित होने वाली है.

एडवांस सुपरसोनिक मिसाइल बहुत खास

भारत की एडवांस सुपरसोनिक मिसाइल बहुत खास है. देश में बनी इस मिसाइल को रोकने की ताकत पाकिस्तान के पास नहीं है. ब्रह्मोस-NG भारत की नेक्सट जेनरेशन सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है. इसकी रफ्तार 4320 किलोमीटर प्रति घंटा है. इसके साथ ही ये लॉन्च होने वाली जगह से 290 किलोमीटर दूर तक हमला कर सकती है. यानी हमारे पायलट्स को पाकिस्तानी एयरस्पेस में जाने की जरूरत नहीं है.

मिसाइल का रडार सिग्नेचर बहुत कम

खास बात ये है कि न्यू जेनरेशन ब्रह्मोस को जल यानी वॉरशिप, थल यानी सरफेस सिस्टम, नभ यानी फाइटर जेट और सबमरीन से भी लॉन्च किया जा सकता है. फिलहाल इस नई क्रूज मिसाइल को वायुसेना और नौसेना के Su-30, तेजस और राफेल पर लोड किया जा रहा है. इसकी खासियत ये है कि मिसाइल का रडार सिग्नेचर बहुत कम है, यानी ये गोल्फ बॉल से भी कम आकार की नजर आती है. तेज रफ्तार और कम रडार सिग्नेचर की वजह से इस मिसाइल को इंटरसेप्ट करना बहुत ही मुश्किल है.

डिफेंस की तैयारियों में भी जुटा भारत

इतना ही नहीं भारत अटैक के साथ-साथ डिफेंस की तैयारियों में भी जुटा हुआ है. भारतीय सेना ने पंजाब के फिरोजपुर की सैन्य छावनी में रविवार को आधे घंटे के लिए ब्लैकआउट रिहर्सल किया. अभ्यास के तहत रात 9 बजे से 9:30 बजे तक सभी लाइटें बंद कर दी गईं.

दिखावटी शक्ति प्रदर्शन में जुटा पाक

भारत के आक्रामक रुख और एडवांस फायर पावर से पाकिस्तान बुरी तरह डरा हुआ है. इसीलिए बीते दो दिन में मिसाइल टेस्ट फायर करके दिखावटी शक्ति प्रदर्शन में जुटा हुआ है. पाकिस्तान ने एक्सरसाइज इंडस के तहत सरफेस टू सरफेस मिसाइल फतह का टेस्ट फायर किया. इस मिसाइल की रेंज 120 किलोमीटर तक हमले करने की है. इससे पहले 3 मई को पाकिस्तान ने अब्दाली मिसाइल का टेस्ट फायर किया था जिसकी रेंज 450 किलोमीटर तक है.

दशकों पुरानी मिसाइलें

पाकिस्तान जिन मिसाइलों की फायर पावर दिखा रहा है, वो दशकों पुरानी हैं. अब्दाली मिसाइल का मिलिट्री नाम हत्फ-2 है. हत्फ-2 एक बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज 180 किलोमीटर तक हमला करने की है. 1995 में पाकिस्तान ने हत्फ मिसाइल प्रोग्राम शुरू किया. इस मिसाइल प्रोग्राम को अहमद शाह अब्दाली कोडनेम दिया गया था. 2005 से ये बैलिस्टिक पाकिस्तान सेना की सर्विस में है और कोई अपग्रेडेशन नहीं हुआ है. दूसरी मिसाइल फतह पाकिस्तान की रॉकेट बेस्ड आर्टिलरी है. जिसकी रेंज 140 किलोमीटर तक हमले करने की है.

भारत को उकसाने की कोशिश

पाकिस्तान इन मिसाइलों की ताकत दिखाकर भारत को उकसा रहा है, जबकि असलियत ये है कि उसके पास चार दिन का गोलाबारूद भी नहीं बचा है. रिपोर्ट है कि पाकिस्तान 4 दिन भी जंग में नहीं टिक पाएगा. पाकिस्तानी सेना के पास 96 घंटे जंग लड़ने लायक गोला बारूद है. पाकिस्तानी सेना का स्विफ्ट मिलिट्री डेप्लॉयमेंट डॉक्ट्रिन फेल होता दिख रहा है. क्योंकि इस रणनीति के तहत पाकिस्तान टैंक, आर्टिलरी सिस्टम पर ही निर्भर है और उसके पास टैंकों के गोले बहुत कम बचे हैं.

पाकिस्तानी आर्टिलरी को 155mm शेल की जितनी जरूरत है, उसके लिहाज से 5 परसेंट शेल ही इस वक्त उसके पास बचे हैं. जितने M109 होवित्जर शेल पाकिस्तानी सेना को चाहिए उसके केवल 7% ही फिलहाल उपलब्ध हैं.

हथियार बनाने वाली कंपनियों में आर्थिक तंगी

122mm के जितने रॉकेट की जरूरत जंग के लिए होगी उसका केवल 9% हिस्सा ही हथियार गोदामों में है. इसी तरह BM 21 सिस्टम के लिए केवल 6% बारूद ही बचा है जो क्षमता से बहुत कम है. चीन से मिली SH-15 तोपों के लिए जरूरत से बहुत कम केवल 11% शेल ही मौजूद हैं. पाकिस्तानी की हथियार बनाने वाली कंपनियों में आर्थिक तंगी के चलते उत्पादन घट गया है. हथियार तंगी की एक वजह ये भी है कि पाकिस्तान ने अमेरिकी दबाव के चलते यूक्रेन को गोला बारूद भेजा था.

पाकिस्तान की सैन्य तैयारियां बहुत कमजोर

गोला-बारूद की कमी से पाकिस्तान की सैन्य तैयारियां बहुत कमजोर हैं. रिपोर्ट बताती हैं कि पाकिस्तान सेना इससे बहुत चिंता में है. गोला-बारूद की कमी के मामले को 2 मई, 2025 को विशेष कोर कमांडरों की बैठक में उठाया गया. जनरल मुनीर के सामने गोला-बारूद की जानकारी रखी गई. पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कमी का मुद्दा बहुत पहले ही उठाया था. पाकिस्तानी सेना के पास गोला-बारूद कमी है, लेकिन LoC पर वह रोज फायरिंग कर रही है. पाकिस्तान इस रणनीति पर काम कर रहा है कि भारत को झूठी ताकत दिखाकर युद्ध टाला जा सके, लेकिन ये रणनीति कामयाब नहीं होगी.

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