सुखोई Su-30 से कैसे निपटें… भारत के खतरनाक फाइटर जेट ने बढ़ाई पाकिस्तानी एयरफोर्स की हार्टबीट, पायलटों को खास ट्रेनिंग

इस्लामाबाद: पाकिस्तानी एयरफोर्स ने 23 मार्च को पाकिस्तान डे मनाया गया है। इस मौके पर पाकिस्तान वायुसेना (PAF) ने भी कई कार्यक्रम किए। ऐसे ही एक प्रोग्राम से पाक वायुसेना का वीडियो सामने आया है। इसमें PAF की बात करते हुए बताया गया है कि वह कैसे देश की रक्षा के लिए समर्पित है। ये एयरफोर्स की तारीफ में पाकिस्तान दिवस पर हर साल की जाने वाली रिवायती बाते हैं लेकिन इस दफा कुछ अलग भी देखने को मिला है। ये खास बात PAF का भारतीय वायुसेना (IAF) के Su-30MKI लड़ाकू विमान को लेकर चिंता है। वीडियो से पता चलता है कि PAF की ट्रेनिंग और प्लानिंग Su-30MKI से निपटने के तरीके खोजने के इर्गगिर्द घूम रही है। यह विमान भारत की वायुसेना का एक शक्तिशाली और रणनीतिक तौर पर अहम हथियार है।

इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी एयरफोर्स की वीडियो में दिखाया गया कि PAF के ग्रिफिन स्क्वाड्रन के लीडर अपनी टीम को एक खास मिशन के लिए तैयार कर रहे हैं। इसमें उनके हाथ में IAF के Su-30MKI का एक छोटा मॉडल है, जिस पर वह बात कर रहे हैं। यानी पाकिस्तानी एयरफोर्स भारतीय जेट से निपटने के तरीके खोजने में लगी है। यह दिखाता है कि PAF इस विमान को लेकर कितनी गंभीरता से तैयारी कर रहा है।

भारत को रूस से मिला है सुखोई

भारत को Su-30MKI विमान रूस से मिला है। यह दुनिया के बेहतरीन जेट में शुमार है, जो हवा से हवा और जमीन पर हमला करने में सक्षम है। भारत इस विमान का इस्तेमाल बीते कई वर्षों से कर रहा है। पाक एयरफोर्स इस जेट को अपने लिए एक खतरा मानती है। खासतौर से 2019 में बालाकोट के हमले के बाद Su-30MKI को लेकर पाकिस्तान की फिक्र बढ़ी है।

पाकिस्तान दिवस के वीडियो से पता चलता है कि PAF के पायलट Su-30MKI से मुकाबले के लिए ट्रेनिंग करने में जुटे हैं। पाकिस्तान की एयरफोर्स F-16 और JF-17 थंडर जैसे विमानों का इस्तेमाल करता है। ऐसे में उसके पायलट Su-30MKI की रडार रेंज, मिसाइलों और गति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि किसी टकराव की सूरत में Su-30MKI से पार पाया जा सके।

भारत की ताकत है ये जेट

भारतीय एयरफोर्स के पास Su-30MKI की संख्या बढ़ रही है और वे इसे बेहतर बना रहे हैं। Su-30MKI का इस्तेमाल भारत ने कई युद्धों में किया है। 1999 के कारगिल युद्ध में इसने अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद 2019 में पाकिस्तान के बालाकोट में हुए हवाई हमले में भी इसका इस्तेमाल किया गया था। ऐसे में PAF भी इन पर नजर बनाए रखता है।

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