नागपुर के महल इलाके में दो गुटों के बीच पत्थरबाजी, भारी पुलिस फोर्स तैनात, जानें बड़े अपडेट्स

महाराष्ट्र के नागपुर में दो गुटों के बीच विवाद और पत्थरबाजी की घटना के बाद सोमवार देर शाम को बड़े स्तर पर बवाल हो गया। उपद्रवियों ने कई गाड़ियों को आग लगा दी। इसके बाद नागपुर में बड़ी संख्या पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। सीएम फडणवीस ने पुलिस आयुक्त को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

नागपुर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में मुगल शासक औरंगजेब की कब्र की सुरक्षा पर मचे घमसान के बीच राज्य के नागपुर में हिंसा सामने आई है। सोमवार को नागपुर में एक तस्वीर के जलाए जाने को लेकर दोनों गुट आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों गुटों में पत्थरबाजी और आगजनी होने लगी। महल इलाके में पत्थरबाजी की सूचना पर भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने हालात को संभालने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। नागपुर में पथराव, आगजनी और हिंसा पर सीएम फडणवीस ने इसकी निंदा करते हुए पुलिस आयुक्त को कड़े कदम उठाने को कहा है।

सीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण हुई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। यह गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं। मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है, उठाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे नागपुर की शांति को भंग न होने दें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर क्या बोले?
इस पूरे मुद्दे पर नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने कहा है कि अभी स्थिति शांतिपूर्ण है। एक तस्वीर जलाई गई जिसके बाद लोग इकट्ठा हुए। उन्होंने अनुरोध किया और हमने इस संबंध में कार्रवाई भी की। सिंघल ने कहा कि मुझसे मिलने मेरे कार्यालय भी आए थे। उन्हें बताया गया कि उनके द्वारा बताए गए नामों के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह (आज की हिंसा) घटना रात 8-8.30 बजे के आसपास हुई। दो वाहनों में आग लगाई गई। इसके साथ पथराव हुआ है। पुलिस तलाशी अभियान चला रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। हमने धारा 144 लागू कर दी है और सभी को कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और कानून को अपने हाथ में न लें। अफवाहों पर विश्वास न करें। इस क्षेत्र को छोड़कर, पूरा शहर शांतिपूर्ण है।

गडकरी ने की शांति की अपील
नागपुर से सांसद व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके लोगों से शांति की अपील की है। नितिन गडकरी ने लिखा है कि नागपुर शांति और सद्भाव के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध शहर है। इस शहर में जाति, पंथ या धर्म के आधार पर कोई विवाद या लड़ाई नहीं होती। नितिन गडकरी ने नागपुर निवासियों से शांत रहने और स्थिति को संभालने में जिला पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने को कहा है।

बीजेपी विधायक ने बताया क्या हुआ?
नागपुर में भड़की हिंसा पर बीजेपी विधायक प्रवीण दटके ने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि बाहर से आए कुछ लोगों ने दो अलग-अलग समुदायों के लोगों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश की। वाहनों में आग लगा दी गई, पत्थरबाजी की गई। एक विशेष समुदाय के लोग बाहर से आए और उन्होंने पूरी योजना बनाकर हिंसा की। मुख्यमंत्री खुद स्थिति का जायजा ले रहे हैं। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सुरक्षा बल तैनात हैं। कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

शिवसेना यूबीटी ने बोला हमला
नागपुर में भड़की हिंसा पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी की प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। नागपुर में हुई हिंसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वाहनों में आग लगाई गई, पथराव किया गया। दुबे ने कहा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर है। नागपुर में विभिन्न धर्मों के लोग शांतिपूर्वक रहते हैं। राज्य सरकार सभी को साथ लेकर चलने में विफल रही है। उन्हें राज्य के विकास को सुनिश्चित करने के लिए चुना गया था लेकिन कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

क्याें और कैसे भड़की हिंसा?
नागपुर हिंसा की शुरुआत महल एरिया से होने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी में अनुसार सबसे पहले यहा पर दो समुदायों के बीच झड़प हुई। इसके बाद हुए पथराव से मामला आगजनी तक पहुंच गया। उपद्रवियों ने जेबीसी समेत कई वाहनों को आग लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस को पथराव का सामना करना पड़ा। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को लेकर यहां भी तनाव था। इसी बीच यह अफवाह भी फैली की एक पवित्र किताब को जलाया गया है, हालांकि बाद में यह बात गलत निकली।

पुलिस ने की शांति की अपील
नागपुर के महल इलाके में भड़की हिंसा पर डीसीपी अर्चित चांडक का बयान सामने आया है। चांडक ने कहा कि यह घटना कुछ गलतफहमी के कारण हुई। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे बाहर न निकलें। साथ ही जो पत्थरबाजी कर रहे हैं, वो पत्थरबाजी बंद कर दें। चांडक ने कहा कि पत्थरबाजी हो रही थी, इसलिए हमने बल का प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। चांडक ने का कि हम सभी से शांति बनाए रखने का आग्रह करते हैं। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।

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