बांग्लादेश में आर्मी चीफ के तख्तापलट की कोशिश, सर्विलांस पर पाकिस्तान-परस्त लेफ्टिनेंट जनरल, ISI के साथ बनाया प्लान

ढाका: बांग्लादेश की सेना में बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। खबर है कि बांग्लादेश की आर्मी चीफ वकार-उज-जमान का तख्तापलट करने की तैयारी चल रही है। हाल ही में बांग्लादेश आर्मी के एक शीर्ष सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल फैजुर रहमान (क्वार्टर मास्टर जनरल) ने जनरल जमान की जगह लेने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें अभी तक पर्याप्त समर्थन नहीं मिला है। लेफ्टिनेंट जनरल रहमान को पाकिस्तान और जमात-ए-इस्लामी समर्थक माना जाता है।

इकनॉमिक टाइम्स को पता चला है कि लेफ्टिनेंट जनरल रहमान ने बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता के बीच अपनी ताकत का टेस्ट लेने की कोशिश की और सेना मुख्यालय में एक बैठक बुलाई थी। लेकिन जनरल वकार को हटाने के कदम का समर्थन करने के बावजूद बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति कम थी।

खुफिया निगरानी में लेफ्टिनेंट जनरल रहमान

इस कदम के बाद लेफ्टिनेंट जनरल रहमान को बांग्लादेश की सैन्य खुफिया डीजीएफआई की निगरानी में रखा गया है। बांग्लादेश पर नजर रखने वाले पर्यवेक्षकों ने स्थिति को तनावपूर्ण बताया है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में ढाका में बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।

कई अधिकारी साजिश में शामिल

बांग्लादेश की सेना के कई अधिकारियों के कथित तौर पर इस साजिश में शामिल होने के बारे में पता चला है। 10 जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) के नाम सामने आए हैं। इनमें मेजर जनरल मीर मुशफिकुर रहमान शामिल हैं, जो वर्तमाव में 24वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी और चटगांव के एरिया कमांडर हैं। मीर मुशफिकुर लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर जाना चाहते हैं।

33वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी और कोमिला बांग्लादेश के एरिया कमांडर मेजर जनरल अबुल हसनत मोहम्मद तारिक ने भी लेफ्टिनेंट जनरल रहमान का समर्थन किया है। अन्य कथित साजिशकर्ताओं में 19वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी और घाटैल के एरिया कमांडर मेजर जनरल हुसैन मुहम्मद मसीहुर रहमान, 66वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी और रंगपुर के एरिया कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद कमरुल हसन, 10वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी और कॉक्स बाजार के एरिया कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद असदुल्ला मिनहाजुल आलम और 10वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी और जलालाबाद के एरिया कमांडर मेजर जनरल एएसएम रिदवानुर रहमान शामिल हैं।

7वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी और बारिसल के एरिया कमांडर मेजर जनरल जहांगीर महमूदुल्लाह इमदादुल इस्लाम; 11वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी और बोगुरा के एरिया कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद मोअज्जम हुसैन, मेजर जनरल एसएम कमाल हुसैन भी कथित तौर पर साजिश का हिस्सा थे।

पूर्व सैन्य जनरल बना सकते हैं राजनीतिक पार्टी

ऐसी भी खबरें हैं कि पूर्व सेना प्रमुख इकबाल करीम भुइयां और अबू बेलाल मुहम्मद शफीउल हक सहित पूर्व अधिकारी; साथ ही सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी हसन सरवर्दी और एहतेशामुल हक और पूर्व ब्रिगेडियर जनरल शमीम कमाल वकार विरोधी सेना अधिकारियों और जमात-ए-इस्लामी की मदद से एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू कर सकते हैं।

रहमान ने आईएसआई के साथ बढ़ाया कनेक्शन

ईटी ने जनवरी में बताया था कि इस्लाम समर्थक भावनाओं के लिए जाने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल रहमान सेना की बागडोर संभालने की साजिश रच रहे हैं। बांग्लादेश पर नजर रखने वाले कुछ लोगों के अनुसार, उन्होंने जनवरी में ढाका में पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के प्रमुख और उसके प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत की थी।

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