नक्सलियों पर आखिरी कील ठोकेगा ऑपरेशन हैंडशेक, दंडकारण्य में उतरे कमांडो, जानिए पूरा प्लान

नागपुर/गढ़चिरौली: महाराष्ट्र चुनाव के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने नक्सिलयों के खिलाफ सबसे बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य के जंगलों में माओवादियों के खिलाफ शुरू हुए ऑपरेशन हैंडशेक में सुरक्षा बलों के साथ कमांडो भी शामिल हैं। दंडकारण्य के 5,000 वर्ग किलोमीटर के जंगलों में चलने वाले इस अभियान में माओवादियों के आखिरी गढ़ अबूझमाड़ को ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया है।

5000 स्क्वॉयर किमी में चलेगा अभियान
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन हैंडशेक में सुरक्षा बल, जिसमें केंद्रीय अर्धसैनिक बल, छत्तीसगढ़ के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और गढ़चिरौली के सी-60 कमांडो जैसे जवान शामिल हैं। इसके तहत इंद्रावती नेशनल पार्क के 2,000 वर्ग किलोमीटर के जंगलों और अबूझमाड़ पहाड़ियों तक जाने वाले 3,000 वर्ग किलोमीटर के दुर्गम इलाके में कार्रवाई की जाएगी। ऑपरेशन सफल रहा तो इस कार्रवाई के बाद नक्सलियों के ट्रेनिंग सेंटर, हथियार और गोला बारूद के गोदाम, प्रेस और बंकरों को तबाह किया जाएगा। इस अभियान में सुरक्षा बल ड्रोन, बम निरोधक दस्ते और आधुनिक हथियारों के साथ माओवादियों के किले पर धावा बोलेंगे।

 

अबूझमाड़ में उतरेंगे कमांडो, जंगल होगा नक्सलमुक्त
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन ‘हैंड शेक’ का खाका सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स ने बनाया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर दोनों राज्यों के सुरक्षा बल अभ्यास करेंगे। उन्हें एक-दूसरे के इलाके में संयुक्त रूप से छापेमारी करने का ऑर्डर दिया गया है। हर एक्शन से पहले दोनों राज्यों के कमांडो अपनी खुफिया जानकारी भी शेयर करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, माओवादियों के गुरिल्ला और बड़े कमांडर अबूझमाड़ के जंगलों को सेंटर बना रखा है। इसी इलाके में शीर्ष नक्सलियों की मीटिंग होती है, जहां वह हमलों की रूपरेखा तैयार करते हैं। आज तक सुरक्षा बल अबूझमाड़ में बड़ी कार्रवाई नहीं कर सके।

बड़े अफसरों को कैंप करने के निर्देश
इस साल नक्सल प्रभावित इलाकों में करीब 50 संयुक्त अभियान चलाए गए हैं। अब आखिरी कील ठोकने की बारी है। माओवादियों को खत्म के लिए बने इस प्लान पर गृह मंत्री अमित शाह की अनुमति मिलने के बाद छत्तीसगढ़ में तैनात सुरक्षा बलों ने अभियान शुरू कर दिया। अब इसमें गढ़चिरौली पुलिस जल्द ही शामिल होने वाली है। महाराष्ट्र पुलिस के सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के छत्तीसगढ़ के कांकेर, बस्तर, नारायणपुर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में संयुक्त अभियान की योजना बनाने, समन्वय करने और उसे शुरू करने के लिए कैंप करने की उम्मीद है। दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों में खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है, जो माओवादी गतिविधियों को ट्रैक, ट्रेस और फॉलो करेंगे।

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