डीएमएफ घोटाला : आदिवासी विकास की पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर गिरफ्तार

रायपुर। डीएमएफ फंड घोटाला मामले में ईडी ने कोरबा में आदिवासी विकास विभाग के पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर माया वारियर को गिरफ्तार कर ईडी की विशेष अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। कोर्ट ने ईडी के आवेदन पर माया से पूछताछ करने 23 अक्टूबर तक रिमांड पर देने का फैसला सुनाया है। ईडी के वकील डॉ. सौरभ से मंगलवार को माया को पूछताछ करने ईडी कार्यालय में तलब किया गया था। पूछताछ में संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।

डीएमएफ में बड़े पैमाने पर कमीशन लेने के मामले में ईडी के अफसर निलंबित आईएएस रानू साहू से पूछताछ करने रिमांड पर लेंगे। ईडी की वकील ने रानू को प्रोटेक्शन वारंट  में लेने कोर्ट में आवेदन पेश किया है। रानू की तबीयत खराब होने की वजह से प्रोटेक्शन वारंट पर गुरुवार को सुनवाई होगी। गौरतलब है कि रानू साहू वर्ष 2021 से जून 2022 तक कोरबा में कलेक्टर तथा वर्ष 2023 में रायगढ़ कलेक्टर थी। कोरबा में रानू के कार्यकाल में माया वहां पदस्थ थी। बताया जा रहा है, माया रानू की करीबी थी। इस वजह से डीएमएफ की बड़ी राशि आदिवासी विकास विभाग को आबंटित की गई। डीएमएफ घोटाला मामले में ईडी के अफसरों ने पूर्व में माया के अलग-अलग ठिकानों पर छापे की कार्रवाई भी की है।

40% कमीशन लेने के आरोप 

ईडी ने डीएमएफ घोटाला जांच में अफसरों को 40 प्रतिशत तक कमीशन मिलने का दावा किया है। ईडी की जांच के अनुसार निजी कंपनियों को टेंडर जारी करने के नाम पर निचले स्तर के अफसरों के अलावा रानू साहू ने 20 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया है।

कोल घोटाला मामले में पूछताछ

ईडी के वकील के अनुसार कोल घोटाला मामले की जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य के साथ लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। इस वजह से इस मामले को लेकर ईडी के अफसर 23 अक्टूबर तक दो दिनों के लिए सूर्यकांत तिवारी, रजनीकांत तिवारी, निखिल तथा रोशन कुमार सिंह से पूछताछ करेगी। ईडी की विशेष अदालत ने इन आरोपियों से पूछताछ करने अनुमति प्रदान कर दी है।

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