बलौदाबाजार में ठग गिरोह का भंडाफोड़, पीड़ित अपने हाथों से देते थे गहने

बलौदाबाजार : बलौदाबाजार पुलिस ने एक बड़े चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है.इस गिरोह की खास बात ये थी कि ये सामने वाले को अपने भरोसे में लेकर उसके महंगे सामान और गहने पार कर देते थे.चोरी करने का तरीका ऐसा होता था कि किसी को कानों कान भनक नहीं लगती थी.यही नहीं चोरी के इस तरीके में पीड़ित शख्स अपने हाथों से अपने कीमती सामान और गहनों को चोरों के हाथों में दे देता था. जब मामला बढ़ा तो पुलिस में शिकायत हुई जिसके बाद गिरोह का भंडाफोड़ पुलिस ने किया.

कैसे करते थे चोरी : इस मामले में गिरोह का शिकार बने लोगों ने बताया कि महिलाएं अपने बच्चों के साथ घर पर आती थी.पहले पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन दिया जाता था. इसके बाद भरोसा जीतने के लिए सोने और चांदी के छोटे गहने लेकर उसके बदले नए गहने दे दिए जाते थे. नए बर्तन और गहने वापस मिल जाने के बाद घर के लोगों को भरोसा हो जाता था कि महिलाएं झूठ नहीं बोल रहीं.इसके बाद महिलाएं ये कहती थी कि और गहने देने पर उन्हें दो गिफ्ट मिलेंगे.जिसमें से एक वो खुद रखेंगी.कंपनी की स्कीम है,इसलिए घाटा नहीं होगा.महिलाओं की इन्हीं बातों में आकर गांव की महिलाएं इनका शिकार बन जाती थी.

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कैसे लगाया था चूना : बगबुड़ा के रहने वाली पीड़ित महिला भुनेश्वरी साहू ने बताया कि पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन देने की बात हुई. जिसके बाद हम पुराने बर्तन दिए. जिसके बदले नए बर्तन हमको लाकर दिए गए. इसके बाद बिछिया मांगे तो हमने बिछिया दिया. तो नए बिछिया भी हमें मिले.

खरसिया से हुई गिरफ्तारी : पकडे़ गए इस अंतरराज्यीय गिरोह में महिलाओं की संख्या ज्यादा है, जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अपना शिकार बनाती थी. महिलाएं अपनी बातों में उलझाकर गांव की महिलाओं से सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो जाती थी. ग्रामीण महिलाओं को ठगी होने का पता तब चला जब ठगी करने वाली महिलाएं जेवर ले जाने के तीन-चार दिन बाद भी नहीं लौटी. इसके बाद महिलाओं ने अपने पति और घर वालों को सारी बातें बताई. पीड़ितों की शिकायत पर लवन पुलिस ने मामला दर्ज किया. फिर पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने अपनी विशेष टीम सायबर सेल, सीसीटीएनएस को लगाया .तकनीकी सहायता से टीम भेजकर खरसिया से इन आरोपियों को धर दबोचा.

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