अंपायर से भिड़ गए अश्विन,मेनन को समझाने लगे नियम

कानपुर रविचंद्रन अश्विन का विवादों से पुराना नाता है। कभी विरोधी खिलाड़ी से भिड़ जाते हैं तो कभी अंपायर से। ग्रीनपार्क में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

पहले टेस्ट के तीसरे दिन का खेल जारी था। पहला विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड पर दबाव बनाना चाहती थी। इसी जद्दोजहद में कुछ नया करने की कोशिश में बवाल हो गया।

बात 77वें ओवर की है। गेंद फेंकने के बाद अश्विन ने अपने फॉलो थ्रू में ही पिच क्रॉस कर ली। जिस पर अंपायर मेनन ने आपत्ति जताई।

अंपायर की आपत्ति पर अश्विन भी अड़ गए क्योंकि उनके मुताबिक सबकुछ नियमों के मुताबिक ही हुआ।

कैमरे में दोनों की बातचीत भी रेकॉर्ड हुई। जहां अश्विन ये कहते पाए गए कि, ‘मैं जो भी कर रहा हूं, नियमों के भीतर रहकर कर रहा हूं।

मैंने इस बारे में मैच रेफरी से भी बात कर ली है।यूं कि विल यंग को शतक से रोकते हुए अश्विन ने भारत को पहला विकेट दिलाया।

नए बल्लेबाज केन विलियमसन सेट न हो पाए इसलिए कुछ नया करने की फिराक में अश्विन राउंड द विकेट बोलिंग करने लगे।

मगर बॉल फेंकने के बाद फॉलो थ्री में ही घूमकर ओवर द विकेट तक पहुंच जाते। इस दौरान वह पिच को क्रॉस करते हुए अंपायर के साथ-साथ नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े बल्लेबाज का रास्ता भी रोक रहे थे।

अंपायर नितिन मेनन ने इसी हरकत पर रविचंद्रन अश्विन को दो-तीन बार टोका। इस बीच दोनों के बीच बहस भी हो गई। बाद में कप्तान अजिंक्य रहाणे भी बीच में आ गए, लेकिन नियमों के जानकार अश्विन अपनी बात पर अड़े रहे।

अश्विन का मानना था कि उन्होंने डेंजर एरिया से छेड़छाड़ नहीं की है। पिच पर विकेट के ठीक सामने वाले हिस्से को डेंजर एरिया कहा जाता है। नियमों के मुताबिक, कोई भी बोलर अपने फॉलो-थ्रू में वहां लैंड नहीं कर सकता।

अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो खिलाड़ियों की स्पाइक्स से पिच का खराब होना तय है। बल्लेबाजी के लिए ये एरिया काफी अहम होता है।

विकेट न मिलने पर भारतीय खेमे में निराशा साफ दिखने लगी थी। इसी दौरान 47वें ओवर में अश्विन अंपायर मेनन से भिड़ गए। गेंदबाजी अक्षर पटेल कर रहे थे तभी अंपायर ने गली में फिल्डिंग कर रहे मयंक अग्रवाल को घुटनों के बल बैठा पाया।

मयंक का कहना था कि वह फिल्डिंग के लिए सही पोजिशन चाहते हैं इसलिए ऐसा कर रहे, क्योंकि विकेट में बाउंस बिलकुल भी नहीं है, लेकिन इस तर्क से अंपायर सहमत नहीं थे।

बाद में अश्विन ने भी अपनी टीम की ओर से बात रखी। नियमों का हवाला दिया तब जाकर अंपायर माने।

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