नक्सलियों के कम्युनिकेशन टीम, चीफ गिरफ्तार

नक्सल संगठन दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का वरिष्ठ नेता सोबराय उर्फ गुडुम मंगलवार को कोरोना का उपचार करवाने जाते हुए तेलंगाना में पकड़ा गया है। घटना की पुष्टि आइजी बस्तर सुंदरराज पी ने की है। ज्ञात हो कि सुकमा एवं बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में माओवादियों के डेरों में लगातार कोरोना महामारी का संक्रमण बढ़ रहा है। बीते एक माह में सीपीआई माओवादी के कई कैडर कोरोना संक्रमण से मारे गए हैं। कुछ गंभीर रूप से बीमार होने पर गुपचुप ढंग से उपचार करवा रहे हैं। दंतेवाड़ा व कांकेर जिला में कोरोना संक्रमित नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है।

बताया गया कि डीकेएसजेडसी का वरिष्ठ सदस्य सोबराय उर्फ गुडुम कोरोना संक्रमित हो गया था। वह अपना उपचार करवाने छिपते-छिपाते बासागुड़ा-जगरगुंडा-पामेड़ के अंदरूनी रास्तों से होता हुआ वारंगल जा रहा था। वारंगल के पहले उसे तेलंगाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वारंगल कमिश्नर जोशी ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी कि सोबराय सुकमा व बीजापुर जिलों में काफी सक्रिय था। वह तेलंगाना के कोंडापल्ली गांव का निवासी है। उसका नाम गदाम मधुकर उर्फ मोहन उर्फ सोबराय है।

पुलिस सूत्र के अनुसार सुकमा एवं बीजापुर जिलों में एक के बाद एक माओवादी कैडर कोरोना महामारी से संक्रमित हो रहे हैं। 27 मई को कोरोना संक्रमित डीकेएसजेडसी के सीनियर माओवादी कैडर गंगा उर्फ आयतु कोसा की उपचार के दौरान दौरान तेलंगाना के खम्मम जिले में मृत्यु हो गई थी। पुलिस द्वारा नक्सलियों से सरेंडर करने पर पूरा उपचार करवाने की अपील की गई थी, लेकिन बड़े कैडर के नक्सली इसे स्वीकार नहीं कर अधीनस्थ कैडर को भ्रमित कर रहे हैं।सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सलियों द्वारा सिर्फ गिने-चुने सीनियर कैडर्स को कोरोना महामारी संक्रमण से बचाने की कोशिश की जा रही है। निचले कैडर्स को कोरोना संक्रमण के संबंध में झूठी जानकारी दी जा रही है। उनके जान को जोखिम में डाला जा रहा है। नक्सलियों द्वारा कोरोना महामारी के संबंध में असत्य एवं अवैज्ञानिक जानकारी देते उन्हें रैली, जुलूस, मीटिंग आदि में बलपूर्वक भेजकर ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। आइजी ने क्षेत्रवासियों से इन गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।

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